बिहार में मकर संक्रांति कब है. इस बात को लेकर सबके मन में बहुत ही संशय बना हुआ है. मकर संक्रांति खिचड़ी हिन्दू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार के रूप में मनाया जाता है. भारत में इसे अलग-अलग नाम से जाना जाता है. हर साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाया जाता है. लेकिन इस बार मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी दिन रविवार को मनाया जाएगा. इस दिन से बसंत ऋतु का आगमन हो जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते है. इसलिए इस दिन को मकर संक्रांति नाम से जाना जाता है. भगवान सूर्य अपने पुत्र की राशि कुम्भ राशि के घर में गोचर करते है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!धार्मिक तथा सांस्कृतिक आधार के अनुसार सूर्य का राशि परिवर्तन बहुत ही शुभ होता है. इस दिन से मांगलिक कार्य जैसे भवन निर्माण, गृह प्रवेश, विवाह तथा अन्य धार्मिक कार्य की शुरुआत हो जाता है. अन्य कथा के अनुसार भगवान विष्णु की विजय की विजय के तौर पर भी मकर संक्रांति मनाया जाता है. इस दिन भगवान सूर्य को अर्घ्य से तथा पूजन करें. इस दिन दिन पुण्य करने से कष्ट दुर होते है. जिनके कुंडली में पितृ दोष बना हुआ है या जन्म कुंडली में सूर्य कमजोर है. वह लोग इस दिन दान करें तो दोष दूर होता है. भगवान सूर्य की इनके ऊपर कृपा बन जाता है. इस दिन तिल तथा गुड़ खाने का विशेष महत्व रहता है.
14 जनवरी 2023 दिन शनिवार की रात समय 08 बजकर 57 मिनट पर धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे. ( मकर संक्रिन्ति 15 जनवरी को मनाया जायेगा ) ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रात्रि में सूर्य मकर राशि में गोचर करेंगे. इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. इसलिए उदिया तिथि के अनुसार 15 जनवरी 2023 को मकर संक्रांति मनाया जायेगा. मकर संक्रिन्ति का महापुण्य काल 15 जनवरी 2023 दिन रविवार सुबह 06 बजकर 37 मिनट से 08 बजकर 26 मिनट तक शुभ रहेगा. रविवार की सुबह अवधि 01:48 मिनट रहेगा.










