पटना: एनडीए के घटक दलों के बीच सीटों की डील तकरीबन फाइनल हो गयी है. शनिवार को सुबह से शाम तक पहले भाजपा के आला नेताओं और फिर चार घंटे की मैराथन बैठक करने के बाद जदयू के प्रमुख नेताओं के साथ अंतिम दौर की बैठक की. दोनों दलों के बीच सीटों का पेच काफी हद तक सुलझ गया है. सब कुछ ठीक रहा तो रविवार को आखिरी बैठक के बाद सीटों के तालमेल की आधिकारिक घोषणा कर दी जायेगी.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!122 सीटें जदयू के खाते में रह सकती हैं…
माना जा रहा है कि 122 सीटें जदयू के खाते में रहेंगी, जिसमें जीतन राम मांझी की पार्टी को हिस्सा मिलेगा. बाकी की 121 सीटें भाजपा कोटे में होंगी, जिसमें लोजपा साथ रही तो उसे नहीं तो मुकेश सहनी की पार्टी इधर आयेगी तो उसे हिस्सेदारी दी जा सकती है. हालांकि, इस बात की दोनों ही दलों से कोई अाधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है.
रामविलास पासवान की तबीयत बिगड़ने से बैठक स्थगित
रविवार की देर शाम भाजपा केंद्रीय चुनाव कमेटी की बैठक में नयी दिल्ली में भाजपा कोटे के पहले चरण की बिना जिच वाली सीटों के उम्मीदवारों के नाम तय कर दिये जायेंगे. दूसरी ओर एनडीए के तीसरे घटक दल लोजपा के तेवर ने आज भी दोनों दलों को उलझाये रखा. शाम पांच बजे चिराग पासवान के आवास पर लोजपा संसदीय बोर्ड की बैठक आरंभ हुई तो अचानक केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की तबीयत बिगड़ने की सूचना आयी. इसके बाद बैठक को तत्काल स्थगित कर दिया गया. अब यह बैठक सोमवार को हो सकती है.

शनिवार को पटना में एनडीए के भीतर दिन भर की गहमागहमी बनी रही
इसके पहले शनिवार को पटना में एनडीए के भीतर दिन भर की गहमागहमी बनी रही. सुबह आये बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव, चुनाव प्रभारी देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, नित्यानंद राय, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल, संगठन प्रभारी नागेंद्र जी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की हाइ लेवल बैठक में भाजपा कोटे की सीटों पर सहमति बनायी गयी. इसके बाद जदयू नेताओं के साथ बैठक हुई, जिसमें जदयू की ओर से सांसद आरसीपी सिंह, ललन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव शामिल हुए. दोनों दलों की लंबी बैठक में जिन सीटों को लेकर गुत्त्थी उलझी हुई थी, उस चर्चा हुई. सूत्रों के मुताबिक यह भी तय हो गयी है कि कौन-सी सीट पर कौन दल लड़ेगा. संख्या भी तकरीबन तय है. हालांकि लोजपा के कारण इस पर अभी जिच बनी हुई है. नयी दिल्ली में होने वाली बैठक में यह उधेड़बुन समाप्त हो सकती है.
