दिल्ली : रैनसमवेयर यानी फिरौती वायरस से बचाने के लिए देश में एहतियातन कुछ एटीएम को बंद किया गया है. गृह मंत्रालय पूरे घटनाक्रम को नजर बनाए हुए है. पूरी दुनिया में 100 से भी ज्यादा देशों पर रैनसमवेयर वायरस का हमला हुआ है जिसमें हैकर्स किसी कंप्यूटर की फाइल्स को लॉक कर उसे खोलने के बदले फिरौती मांगते हैं.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पूरी दुनिया पर हुए साइबर अटैक के बाद देशभर में कई एटीएम बंद हो गए हैं. सूत्रों के मुताबिक गृहमंत्रालय ने एडवायजरी जारी कर देशभर में कई एटीएम को बंद करने का फैसला लिया है. भारत सरकार ने एहतियातन ये फैसला लिया है.

रैनसमवेयर वायरस के चलते सरकार ने ये फैसला लिया है. माना जा रहा कि कई संवेदनशील संस्थानों में भी एटीएम लगे हैं. माना जा रहा है कि ऐसी जगहों की संवेदनशीलता के चलते ही सरकार ने ये फैसला लिया है.

दुनिया के 100 से अधिक देशों में जबरन वसूली के लिए बड़ी संख्या में साइबर हमलों के मामले सामने आए हैं. रैंसमवेयर एक ऐसा मालवेयर होता है जो कंप्यूटर सिस्टम के फाइल को लॉक कर देती है और एक निश्चित राशि के भुगतान के बगैर अनलॉक नहीं होती है.
आरबीआई ने रैंसमवेयर वायरस पर बैंकों को सावधानी बरतने की अपील की है. रैंसमवेयर वायरस अटैक अब तक का सबसे बड़ा वायरस हमला है. अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) से चोरी किए गए ‘साइबर हथियारों’ का इस्तेमाल कर भारत समेत लगभग 100 देशों पर बड़े पैमाने पर साइबर हमले किए गए.
अमेरिका के मीडिया संस्थानों ने कहा कि सबसे पहले स्वीडन, ब्रिटेन और फ्रांस से साइबर हमले की खबर मिली. सुरक्षा सॉफ्टवेयर कंपनी ‘अवास्ट’ के अनुसार इस गतिविधि में शुक्रवार को बढ़ोतरी देखी गई थी.
एटीएम मशीनें इस मॉलवेयर की आसान शिकार बन सकती हैं
द इकोनामिक्स टाइम्स के अनुसार एटीएम मशीनें इस मॉलवेयर की आसान शिकार बन सकती हैं. क्योंकि, लगभग सभी विंडोज साफ्टवेयर पर ही चलती हैं. इसके साथ ही देशभर के कुल सवा दो लाख एटीएम में से 60 प्रतिशत एटीएम आउटडेटेड विंडोज एक्सपी पर चल रहे हैं.
ग्राहकों को डरने की जरूरत नहीं है
ऐसे में आरबीआई का कहना है कि बिना सॉफ्टवेयर अपडेट किए एटीएम चालू न किए जाए. इसके साथ ही जानकारों का कहना है कि एटीएम में कोई डाटा नहीं होता है ऐसे में इसपर उतना खतरा नहीं है. ग्राहकों को डरने की जरूरत नहीं है.
साबधान : जरुरी बाते
इस समय किसी भी तरह का कोई ऑनलाइन सामान ना ख़रीदे न ही इन्टरनेट पर डेबिट कार्ड या किसी तरह के कार्ड का इस्तेमाल करे या ही किस लिंक को खोले जो आपको प्रलोभन दे रहा कि ये फ्री रिचार्ज किये या फ्री डेटा पाइए
