बंगाल चुनाव 2026 के बाद हिंसा पर CEC सख्त, ‘कानून का हंटर’ चलाने का आदेश
पश्चिम बंगाल में 2026 चुनाव के नतीजों के बाद भड़की हिंसा ने दिल्ली से लेकर कोलकाता तक हड़कंप मचा दिया है। हालात बिगड़ते देख मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सीईसी ने बुधवार को साफ कहा कि राज्य में हिंसा और तोड़फोड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दो-टूक आदेश दिया कि खून-खराबे और आगजनी में शामिल लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
एक आपात बैठक के बाद सीईसी ने मुख्य सचिव, डीजीपी, पुलिस आयुक्त और सभी जिलाधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों को सीधे कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा भड़काने वालों की पहचान कर उन्हें तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए और संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त बढ़ाई जाए।

बताया जा रहा है कि चुनाव के बाद हुई झड़पों में अब तक 2 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई राजनीतिक दलों के दफ्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं के बाद चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है।
राज्य में शांति बहाल करने के लिए पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के साथ ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है और अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
गौरतलब है कि इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 207 सीटें जीतकर ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत कर दिया है। हालांकि, जीत के बाद भड़की हिंसा ने लोकतंत्र के इस उत्सव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना होगा कि सीईसी के सख्त आदेश के बाद बंगाल में हालात कब तक सामान्य होते हैं।

