होली के त्योहार को लेकर इस बार लोगों के बीच काफी कंफ्यूजन की स्थिति बनी हुई थी। वजह थी पूर्णिमा तिथि का दो दिन पड़ना और चंद्रग्रहण की आशंका, जिसके कारण होलिका दहन और रंग खेलने की सही तारीख को लेकर भ्रम फैल गया था। हालांकि पंचांगों की गणना के बाद अब स्थिति स्पष्ट हो गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शास्त्रों के अनुसार होली बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। इसी दिन भक्त प्रह्लाद की आस्था की विजय हुई थी और अत्याचारी होलिका का दहन हुआ था। इसी परंपरा के तहत हर साल फाल्गुन पूर्णिमा की शाम होलिका दहन किया जाता है।
📅 2 मार्च को होगा होलिका दहन
ऋषिकेश पंचांग और पंचांग दिवाकर के अनुसार इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च 2026 को किया जाएगा। इस दिन पूर्णिमा तिथि शाम 5 बजकर 56 मिनट से शुरू होकर 3 मार्च शाम 5 बजकर 8 मिनट तक रहेगी। शास्त्रों में नियम है कि जिस दिन प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि पड़े, उसी दिन होलिका दहन करना शुभ माना जाता है। इसलिए 2 मार्च को ही दहन शास्त्रसम्मत रहेगा।

⏰ शुभ मुहूर्त और भद्रा का योग
पंचांग के अनुसार 2 मार्च को शाम 6:22 बजे से रात 8:53 बजे तक प्रदोष काल रहेगा। इस दौरान भद्रा जरूर रहेगी, लेकिन वह भद्रा मुख नहीं होगी, इसलिए होलिका दहन दोषरहित और शुभ माना गया है। भद्रा मुख मध्यरात्रि 2:38 बजे से 3 मार्च सुबह 4:34 बजे तक रहेगा।
🎨 4 मार्च को मनाई जाएगी होली
चूंकि 3 मार्च को शाम तक पूर्णिमा तिथि बनी रहेगी, इसलिए इस दिन रंगोत्सव नहीं होगा। शास्त्रों के अनुसार दुल्हंडी यानी रंगों की होली चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को मनाई जाती है, जो इस बार 4 मार्च 2026 को पड़ेगी। पंडितों और ज्योतिषाचार्यों ने लोगों से अपील की है कि भ्रम में न पड़ें और शास्त्रसम्मत तिथियों के अनुसार ही पर्व मनाएं।









