माघ मास की पूर्णिमा इस वर्ष 1 फरवरी, रविवार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस पावन तिथि पर गंगा स्नान, दान-पुण्य और व्रत करने से पापों से मुक्ति मिलती है तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इस अवसर पर श्रद्धालु प्रातःकाल गंगा सहित अन्य पवित्र नदियों में स्नान कर पूजा-अर्चना करेंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार माघ पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से समस्त कष्ट दूर होते हैं और विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि इस दिन किया गया गंगा स्नान पूरे वर्ष भर के स्नान के बराबर फलदायी माना गया है।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि माघ पूर्णिमा के दिन अन्न, वस्त्र, कंबल, तिल, गुड़ एवं घी का दान अत्यंत पुण्यदायी होता है। इस दिन व्रती को विधि-विधान से व्रत रखकर संध्या समय चंद्रमा को दूध या जल से अर्घ्य देना चाहिए। साथ ही श्री सत्यनारायण व्रत कथा का श्रवण भी विशेष फलदायी माना गया है।

वहीं, जगन्नाथ मंदिर के पंडित सौरभ मिश्रा ने बताया कि मिथिला पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि का आरंभ 1 फरवरी को प्रातः 3:58 बजे से होगा, जो 2 फरवरी की रात्रि 2:45 बजे तक रहेगा। गंगा स्नान के लिए प्रातः 4:00 बजे से 7:00 बजे तक का समय विशेष शुभ माना गया है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष माघ पूर्णिमा पुष्य नक्षत्र, प्रीति योग एवं रवि पुष्य योग के संयोग में मनाई जाएगी, जिससे इस पर्व का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है।











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