भागलपुर में कथक की शिक्षा दे रहे मिथलेश कुमार के शिष्य साकेत सिंह ने अपनी मेहनत और लगन से इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। साकेत ने कथक डांस में 30 सेकंड में 66 स्पिन (चक्कर) लगाकर रिकार्ड अपने नाम किया है। इससे पहले नाेएडा की एक कथक डांसर के नाम यह रिकार्ड था, उन्हाेंने 30 सेकंड में 45 चक्कर लगाया था। साकेत के नाम की घाेषणा 23 नवंबर 2021 काे की गई थी। जबकि उसे सर्टिफिकेट 10 दिसंबर काे मिला था। इस रिकार्ड के साथ ही साकेत काे हर तरफ से बधाई और शुभकामनाएं मिल रही हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पांच साल से कथक गुरु मिथलेश कुमार से ले रहे हैं नृत्य की शिक्षा :
मुंगेर के रामनगर निवासी स्वर्गीय राजीव सिंह के पुत्र साकेत सिंह ने कथक डांस में यह रिकार्ड बनाने के लिए एक दशक तक मेहनत की। साकेत काे बचपन से ही नृत्य कला में रुचि थी। लेकिन उन्हें एक अच्छे गुरु की तलाश थी, जाे भागलपुर में आकर पूरी हुई। उसे यहां लखनऊ घराना के प्रसिद्ध गुरु स्वर्गीय अर्जुन प्रसाद मिश्रा के शिष्य मिथलेश कुमार गुरु के रूप में मिले और उनसे कथक नृत्य सीखना शुरू किया।
वैसे ताे साकेत 10 साल से नृत्य सीख रहा है। लेकिन पांच साल से मिथलेश कुमार के नेतृत्व में कथक की तामिल ले रहे हैं। आधुनिकता के इस दौर में साकेत गांव की पगडंडियों से निकलकर शहर में परचम लहराते हुए अपने कला के माध्यम से बिहार का नाम राेशन किया है। साकेत अब तक कई रियलिटी शाे में भाग ले चुका है। राज्यस्तर पर हाेनेवाले कई कार्यक्रमाें में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।

कथक के प्रति युवा हाे रहे हैं आकर्षित: मिथलेश
साकेत का इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में नाम दर्ज होने के बाद से डांस सीख रहे युवाओं के बीच कथक में दिलचस्पी बढ़ेगी। कथक प्रशिक्षक मिथलेश कुमार ने बताया कि छाेटे शहराें से शानदार प्रतिभाएं निकलकर बाहर आ रही हैं। कथक के प्रति युवा आकर्षित हाे रहे हैं। साकेत की कामयाबी से बाकी युवाओं में कथक के प्रति रुचि बढ़ेगी।
