शिक्षा विभाग प्रारंभिक शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया में तेजी लाने की बजाय सुस्त हो गया है। आशंका है कि दो लाख से अधिक अभ्यर्थियों को साल भर और इंतजार करना पड़ेगा। पहले ही काफी देर हो चुकी है। हालांकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब कोई बाधा नहीं रही लेकिन फिर भी अभी तक काउंसिलिंग की तिथि जारी नहीं की गई है। इससे अभ्यर्थियों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। जब राज्य के शिक्षा मंत्री, प्रधान सचिव से गुहार लगाने के बावजूद इनकी बात नहीं सुनी गई तब इन्होंने आंदोलन का फैसला ले लिया है। नियोजित शिक्षक अभ्यर्थी संगठन, बिहार TET-2017/CTET उत्तीर्ण अभ्यर्थी की ओर से महाआंदोलन का निर्णय लिया है। संगठन के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने भास्कर को बताया कि 18 जनवरी से महाआंदोलन सह धरना प्रदर्शन करेंगे। पटना के धरनास्थल गर्दनीबाग में यह आयोजन किया जाएगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चार दिवसीय महाआंदोलन
उन्होंने बताया कि महाआंदोलन के तहत चार दिनों तक आंदोलन किया जाएगा। यह 18 से 21 जनवरी तक चलेगा। 18 जनवरी की शाम को गर्दनीबाद से कैंडिल मार्च निकाला जाएगा। 19 को भिक्षाटन करेंगे और 20 जनवरी को अभ्यर्थी सरकार के रवैये के खिलाफ अपने सिर का मुंडन कराएंगे। 21 जनवरी को संगठन जुलूस निकालेगा। ठंड बढ़ती जा रही है इसके बावजूद अभ्यर्थियों ने यह महाआंदोलन करने का फैसला लिया है।

सरकार पर आनाकानी का आरोप
राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने बताया कि महाआंदोलन की जानकारी प्रशासन को दी जा चुकी है। शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों को आवेदन दिया गया है लेकिन शिक्षा मंत्री कह रहे हैं कि फिर से आवेदन लिया जाएगा। बताया कि प्रधान सचिव ने हमें कहा कि शिक्षक बहाली के लिए ऑनलाइन व्यवस्था करेंगे जबकि 90 फीसदी मेधा सूची जारी हो चुकी है। अब काउंसिलिंग की तिथि जारी करना है लेकिन सरकार आनाकानी कर रही है। तीन-चार साल से हम सड़क पर धूल फांक कर रहे हैं। MA, BED, TET किए हुए अभयर्थियों के साथ सरकार का रवैया परेशान करने वाला है। संगठन ने 12 जनवरी तक का अल्टीमेटम सरकार को दिया था। मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन किया जा रहा है।
अभ्यर्थियों की मांगें
-जिला स्तर पर ओपेन कैंप के माध्यम से काउंसिलिंग और नियुक्ति पत्र वितरण करने संबंधी शिड्यूल जल्द से जल्द जारी किया जाए।
– काउंसिलिंग और नियुक्ति पत्र वितरण के बाद प्रमाणपत्र की जांच की जाए और उसके बाद स्कूल में योगदान कराया जाए।
-प्रमाणपत्र की जांच के बाद वेतन भुगतान किया जाए।
