शरद पूर्णिमा बुधवार को मनाया जायेगा। इस दिन ही कोजागरा व लक्ष्मी पूजा भी की जायेगी। वहीं बंगाली समुदाय के लोग इस दिन लखी पूजा करेंगे। कई जगहों पर प्रतिमा स्थापित की जाएगी। कुछ लोग घरों में भी पूजा करेंगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बुधवार को गंगा स्नान करने के लिए शहर के विभिन्न घाटों पर काफी भीड़ रहेगी। हालांकि कुछ लोगों ने मंगलवार को ही कोजागरा पूजा की। पंडित भूपेश मिश्रा ने बताया कि आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा मनाया जाता है। पान-मखान का पर्व कोजागरा नवविवाहिताओं के लिए बहुत ही खास होता है।

घर की बुजुर्ग महिलाओं द्वारा नवविवाहित लड़के का चुमावन किया जाता है। लोकगीत गाती हुई महिलाएं बांस के डाले में पान, दही और मखाना लेकर लड़के के सिर पर रखे पाग पर तीन बार रखकर परंपता निभाती हैं। बुजुर्ग पुरुषों द्वारा नवविवाहित लड़के को दुर्वाक्षत (सूखा चावल, दुर्वा आदि) देकर आशीर्वाद दिया जाता है। नवविवाहित लड़के के ससुराल से मखाना, दही, मछली आदि का उपहार भेजने का भी परंपरा है।
