ट्रक चालकों ने शनिवार की देर रात विक्रमशिला पुल के पास जाम कर दिया और टायर जलाकर प्रदर्शन किया। भागलपुर जीरोमाइल से पुल की आेर जाने वाले रास्ते पर टीओपी से ठीक पहले ट्रकों को आरा-तिरछा खड़ा कर दिया। इससे भागलपुर जीरोमाइल से लेकर पुल के शुरुआती हिस्से तक जाम लग गया। जाम में ट्रकों के साथ बस और छोटी गाड़ियां देर तक फंसी रहीं। इस बीच पुलिस ने एक सरकारी बस पर डंडे बरसाए जिससे चालकों का गुस्सा और भड़क गया और वे लोग सड़क पर प्रदर्शन करने लगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ट्रक चालकों ने आरोप लगाया कि पुलिस पैसे लेकर ज्यादा भार वाले ट्रकों को पार करा देती है और कम वजन वाले ट्रकों को रोक कर रखती है। इनमें कई ट्रक बाहर के हैं जिन्हें दूसरी जगहों पर डिलीवरी करनी होती है। कई ट्रक चालकों का कहना है कि प्रशासन ने 20 टन से ज्यादा भार वाले ट्रकों को रोकन का निर्देश दिया है। छह चक्के वाले ट्रक जिनपर 20 टन से कम वजन है, उन्हें नहीं रोकना है।

लेकिन पुलिस 20 टन से अधिक भार रहने के बावजूद छह पहिये के ट्रकों को भी जाने देती है। जबकि छह पहिये से ज्यादा वाले ट्रक जिनपर 20 टन से कम वजन है उसे रोका जा रहा है। इससे हमलोग भूखे-प्यासे रात में पुल के पास सड़क पर खड़े रहते हैं। ट्रक चालकाें को पुलिस ने कई बार समझाने का प्रयास किया। लेकिन वे लोग नहीं मान रहे थे। बाद में औद्योगिक थाने की पुलिस ने ट्रक चालकों से कहा कि रविवार की सुबह मामले को वरीय अधिकारियों तक पहुुंचाया जाएगा, तब ट्रक चालक शांत हुए।
