कोर्ट की सुरक्षा में तैनात तीन एएसआई, एक हवलदार और तीन सिपाही को एसएसपी आशीष भारती ने सोमवार को सस्पेंड कर दिया है। इन पुलिसकर्मियों पर लापरवाही बरतने का आरोप है। डीएसपी प्रारक्ष से मामले की जांच कराई गई थी। जांच में ड्यूटी में लापरवाही साबित हुई थी। डीएसपी की जांच रिपोर्ट के बाद एसएसपी ने उक्त कार्रवाई की। जांच में आया है कि आठ अगस्त को अपराधी हथियार-गोली लेकर कोर्ट कैंपस में घुस गए थे और गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी थी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जबकि दोनों गेटों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगा है। मेटल डिटेक्टर से होकर अपराधी कोर्ट कैंपस में दाखिल हुए थे। लेकिन पुलिसकर्मियों ने मेटल डिटेक्टर की लाल बत्ती को जलता देख कर भी अनदेखा कर दिया था। जबकि कुछ पुलिसवाले खैनी मलने में व्यस्त थे। अगर अपराधी अपने मंसूबे में कामयाब हो जाते तो कोर्ट कैंपस में बड़ी घटना घट सकती थी।

बड़कू पटेल के चार हत्यारोपियों को मारने पहुंचे थे अपराधी
आठ अगस्त को कोर्ट कैंपस में बड़ी वारदात टल गई थी। वहां की सुरक्षा व्यवस्था का धत्ता बताते हुए अपराधी असलहा लेकर कोर्ट कैंपस में बड़कू पटेल के चार हत्यारोपियों को मारने के लिए पहुंच गए थे। ऐन मौके पर पेशी में आए आरोपियों ने शूटरों के कमर में खोसा हुआ हथियार देख लिया था और पुलिस को सूचना दे दी थी। पुलिस ने मौके पर चार शूटरों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए बदमाश दिव्यांशु झा (नदिया टोला, कहलगांव) के पास से एक ऑटोमेटिक पिस्टल, एक देसी कट्टा, दो लोडेड मैगजिन समेत विंडोलिया में भरी कुल 40 गालियां पुलिस ने बरामद किया था। दोनों मैगजिन में पांच-पांच गोलियां लोड थी, जबकि विंडोलिया में 30 गोली भर कर रखा गया था।
दिव्यांशु झा एकचारी में मारे गए अपराधी बड़कू पटेल और उसके भाई पूर्व मुखिया शिवदानी पटेल के लिए काम करता है। उसके साथ पवन भाई पटेल, छोटू पटेल, सौरभ को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जेल में बंद बड़कू पटेल की हत्या के तीन आरोपी संजीव मंडल, डबलू तिवारी, छोटू तिवारी और जमानत पर रिहा हुए प्रमोद मंडल की एक साथ कोर्ट कैंपस में हत्या की साजिश रची गई थी। जेल में बंद तीनों आरोपियों की इस केस में आठ अगस्त को पेशी थी, जबकि जमानत पर रिहा हुए प्रमोद मंडल की गवाही होनी थी। केस एडीजे-7 की कोर्ट में चल रहा है। एडीजे-7 के कोर्ट के बाहर चारों को मारने के लिए पहले से शूटर दिव्यांशु झा और उसके साथी घात लगाए हुए थे। तभी पेशी में लाए आरोपियों ने दिव्यांशु के कमर में बंधा हुआ विंडोलिया देख लिया था और वहां तैनात पुलिसकर्मियो को इसकी सूचना दे दी थी।

9 अगस्त को प्रकाशित खबर, इन्हें किया गया सस्पेंड
1. एएसआई हमेश्वर प्रसाद सिंह
2. एएसआई शमीउज्जमा खान
3. एएसआई मीरा देवी
4. पीटीसी राज किशोर पासवान
5. पीटीसी दिलीप कुमार पंडित
6. हवलदार साहेब प्रसाद यादव
7. महिला सिपाही रंजन कुमारी
सात पुलिसवालों को निलंबित किया गया
जिस गेट से अपराधी हथियार लेकर कोर्ट कैंपस में दाखिल हुए थे, पुलिसकर्मियों को ड्यूटी वहीं लगी थी। इस लापरवाही के कारण सात पुलिसवालों को निलंबित किया गया है। – आशीष भारती, एसएसपी
