लखीसराय में फास्ट ट्रैक द्वितीय कोर्ट ने ‘चूहा हत्याकांड’ में चार दोषियों को आजीवन कारावास एवं एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जज डीपी केशरी ने सत्रवाद संख्या 62/2011 की सुनवाई के बाद बुधवार को कांड के पांच में से चार दोषियों रंजीत यादव, वरूण पासवान, मोहन पासवान और अमन पासवान को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड दिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एक आरोपी बंगाली पासवान की मौत हो चुकी है। न्यायालय के आदेश के मुताबिक, कांड के आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर तीन महीना अतिरिक्त कारावास होगा। न्यायालय द्वारा धारा 364/34 में आजीवन कारावास एवं 120बी/34 में सात वर्ष की सजा के अलावा एक लाख रुपये का अर्थदंड दिया है।
कांड की सूचक सह मृतक युवक की मां बड़हिया रामसेन टोला निवासी बाल्मिकी प्रसाद सिंह की पत्नी रामपती देवी ने मृतक गोबिंद कुमार उर्फ चूहा की हत्या को लेकर सभी पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। केस के अनुसार रंजीत सहित सभी चार अभियुक्तों ने मृतक को ट्रैक्टर खरीदवाने के लिए मुंगेर जिला के हेरू दियारा ले गया। चार लाख रुपये में ट्रैक्टर खरीदने का सौदा हुआ जिसमें ढाई लाख रुपये दे दिया।

मृतक शेष डेढ़ लाख देने के लिए गया तो आरोपियो ने साजिश के तहत अपहरण कर लिया। बाद में हत्या कर शव को गायब कर दिया। कांड के विचारण में अभियोजन से एपीपी रामबिलास शर्मा एवं सूचक की ओर से पूर्व पीपी शंभू शरण सिंह एवं बचाव पक्ष से मुंगेर के वरीय अधिवक्ता भोला बाबू, बुद्धन यादव एवं अरूण वर्मा ने बहस में भाग लिया।
