बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (Bihar School Examination Board) यानी बिहार बोर्ड ने इंटर (Intermediate) और मैट्रिक (Matric) वार्षिक परीक्षा 2021 के सैद्धांतिक विषयों की परीक्षा को लेकर मंगलवार को दिशा-निर्देश (Guidelines) जारी कर दिया. इसके मुताबिक, परीक्षा भवन में जूता-मोजा पहनकर आना मना किया गया है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जूता-मोजा पहनकर परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जायेगी. छात्रों को समय से पहले सेंटर पर पहुंचना होगा. परीक्षा शुरू होने के 10 मिनट पहले ही इंट्री बंद हो जायेगी. कोविड-19 महामारी संक्रमण (Coronavirus) के बचाव के लिए एक बेंच से दूसरे बेंच के बीच पर्याप्त दूरी रखी जायेगी. प्रत्येक 25 परीक्षार्थियों पर एक वीक्षक के अनुपात में वीक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जायेगी. एक कमरे में कम से कम दो वीक्षक रहेंगे.

एडमिट कार्ड गुम हो जाए तो नो टेंशन
दिशा-निर्देश में कहा है कि इंटर व मैट्रिक परीक्षा में उत्तरपुस्तिका में परीक्षार्थियों का फोटो भी दिया रहेगा. इस दौरान यदि किसी परीक्षार्थी का एडमिट कार्ड गुम हो जाता है या घर पर छूट जाता है तो, ऐसी स्थिति में उपस्थिति पत्रक में स्कैंड फोटो से उसे पहचान कर और रौलशीट से सत्यापित कर परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जायेगी.
रौलशीट में गलत रहने पर संबंधित परीक्षार्थी से घोषणा पत्र लेकर केंद्राधीक्षक प्रवेश पत्र के अनुसार उक्त विषय की परीक्षा में उन्हें सम्मिलित होने दें और उपस्थिति पत्रक एवं रौलशीट में सुधार कर अपना हस्ताक्षर एवं मुहर लगा दें. मैट्रिक गणित एवं उच्च गणित विषयों के लिए 24 पृष्ठ की उत्तरपुस्तिका दी जायेगी, जिसमें पृष्ठ 23 पर ग्राफ पेपर भी रहेगा. वहीं, अन्य सभी विषयों की उत्तरपुस्तिका 20 पृष्ठ का रहेगा.
छात्राओं के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था
बोर्ड ने कहा है कि मैट्रिक में यदि छात्र एवं छात्रा दोनों को परीक्षा केंद्र में संबद्ध किया गया हो तो, छात्राओं के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की करनी होगी. सीट प्लानिंग की व्यवस्था इस प्रकार की जायेगी कि परीक्षा कक्ष में एक रौल नंबर कोड के सभी परीक्षार्थी रौल नंबरवार आरोही क्रम में परीक्षा में बैठेंगे.
इससे मुद्रित रौल नंबर वाली उत्तरपुस्तिका, ओएमआर उत्तर पत्रक एवं उपस्थिति पत्रक को परीक्षार्थियों के बीच वितरित करने में कोई परेशानी न होने पाये. डेस्क-बेंच को दीवारों से सटाकर नहीं लगाया जायेगा. प्रत्येक बेंच पर अधिकतम दो परीक्षार्थी ही बैठेंगे
