तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के अधीन संचालित बीएड कॉलेजों में छात्रों से परीक्षा शुल्क के नाम पर पांच-पांच हजार रुपये तक अवैध वसूली की जा रही है। छात्रों पर 1,55,000 रुपये जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसके अलावा यूनिफार्म व बस भाड़ा के नाम पर भी मनमाने ढ़ंग से वसूली जारी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ऐसे गंभीर मामलों को लेकर शुक्रवार को विवि छात्र संघ के प्रतिनिधि मंडल जयप्रीत मिश्रा, मुकुल कुमार, विवेक कुमार एवं आनंद कुमार सीसीडीसी डॉ. अरुण कुमार सिंह से मिले और अपना ज्ञापन सौंपा। मौके पर सीसीडीसी ने छात्र संघ को भरोसा दिया कि परीक्षा शुल्क पांच हजार से दो हजार रुपये करने पर विचार किया जा रहा है। अन्य शुल्क के लिए भी राजभवन के आलोक में एक विवरण पत्र तैयार कर कॉलेजों को भेज दिया जाएगा।
समाहरणालय पर दिया धरना, डीएम को सौंपा ज्ञापन

इसके पूर्व छात्रों ने समाहरणालय पर भी धरना दिया और बीएड की नई शुल्क का विरोध करने लगे। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि सत्र 2016-18 एवं 2017-19 की फीस में 50 हजार रुपये की वृद्धि कर दी गई है। इससे छात्रों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो जाएगी। हाई कोर्ट ने यह शुल्क तय की है जो छात्रों के बजाय कॉलेजों के हित में है। पूर्व में राज्य सरकार ने एक लाख पांच हजार रुपये की फीस तय की थी जिसे लागू नहीं करा पाई। छात्रों ने अपने मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा। सौंपे गए ज्ञापन में छात्रों की मांग है कि हाई कोर्ट से तय फीस पर सरकार पुन याचिका दायर करें ताकि फीस कम हो और छात्रों को राहत मिले। धरना प्रदर्शन का नेतृत्व आशुतोष शरण, अभिषेक तिवारी, जयकृष्ण, मिथिलेश विश्वास, सोनम राव, मधुमिता एवं वर्षा सहित अन्य शामिल थे।
