भागलपुर : हालत में सुधार, ग्लूकोज पीया मम्मी से पूछी-पहले जैसी ही दिखूंगी ना?

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भागलपुर. बनारस के स्मयन अस्पताल में भर्ती एसिड पीड़िता की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। मंगलवार सुबह में पीड़िता ने दो चम्मच ग्लूकोज पीया। वारदात के बाद पीड़िता ने कुछ भी नहीं लिया था। लगातार उसे स्लाइन चढ़ाया जा रहा था। ग्लूकोज लेने के बाद पीड़िता ने अपनी मां से पूछा कि इलाज के बाद वह पहले जैसी ही दिखेगी ना? यह सुनकर मां की आंखें डबडबा गई। वहां खड़े छात्रा के पिता व अन्य ने उन्हें ढांढस बंधाया।

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उधर, डॉक्टरों ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि छात्रा के जख्म तेजी से सूख रहे हैं। मंगलवार को भी उसके पूरे शरीर के जख्म की मरहम-पट्टी की गई। डॉ. जयंतो तपादार अौर उनकी टीम लगातार छात्रा की मॉनीटरिंग कर रही है। छात्रा की स्थिति देख डॉक्टरों में उम्मीद बंधी है। वे जल्द बड़ा फैसला ले सकते हैं। इधर, पिछले तीन दिन से वारसलीगंज निवासी अंकित भी बनारस में ही है। अस्पताल में रह कर पीड़िता और उनके परिवार की अंकित मदद कर रहे हैं।

पुलिस ने हिरासत में लिए सभी आठ संदिग्धों को पीआर बांड पर छोड़ा

एसिड कांड के सिलसिले में हिरासत में लिये गए सभी आठ संदिग्धों से पीआर बांड भरवा कर थाने से छोड़ दिया। इन संदिग्धों के खिलाफ जांच में कोई सबूत नहीं मिला। पहले पूछताछ के लिए मनीष यादव और अभिषेक पासवान को हिरासत में रखा था, लेकिन देर शाम उसे भी छोड़ दिया गया। दोनों को कहा गया है कि जब भी पुलिस मदद के लिए बुलाएगी, उन्हें आना होगा। दोनों ने हामी भरी। मनीष गंगटी का रहने वाला है और उसने वारदात के बाद दो युवकों को छात्रा के घर के पीछे से भागते हुए देखा था।

पुलिस को यह भी पता चला है कि छात्रा का मोबाइल मनीष के पास था। अभिषेक जगदीशपुर के टूटा पुल का रहने वाला है। वह छात्रा का दोस्त है। वारदात से पहले अभिषेक और छात्रा के बीच मोबाइल पर बात हुई थी। इस मामले में पुलिस को छह और संदिग्धों की तलाश है, जिसमें मोनू, सावन, लल्ला, रंजीत, प्रशांत और रिशु के नाम शामिल है। वारदात के बाद से मोनू गायब है। उसकी खोज के लिए पुलिस जब मोनू के घर गई तो परिजनों ने पुलिस का विरोध भी किया था।

बबरगंज थानेदार बने केस के नए आईओ

एसिड अटैक के दूसरे आरोपी राजा यादव को पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। राजा का नाम पीड़िता के बयान में आया है, इस कारण उसे इस केस में अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया है। राजा ड्राइवर का काम करता है और गंगटी मोहल्ले का रहने वाला है। एसिड कांड के जांच अधिकारी दारोगा आरएन सिंह को बदल दिया गया है। उनकी जगह पर बबरगंज थानेदार मिथिलेश कुमार को केस का नया आईओ बनाया गया है। एसिड अटैक जैसे गंभीर केस की जांच खुद थानेदार को करने का निर्देश एसएसपी ने दिया है। दारोगा आरएन सिंह ने केस का प्रभार भी नये जांच अधिकारी को सौंप दिया है।

बनारस में भर्ती पीड़िता से मिले डिप्टी मेयर, सहयोग का दिया भरोसा

मंगलवार को डिप्टी मेयर राजेश वर्मा वाराणसी के सम्यक अस्पताल में भर्ती पीड़िता को देखा। उनके पिता से भी बात की। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा शहर पीड़िता के साथ है। पीड़िता के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी। जब भी जरूरत होगी, वे और पूरा शहर पीड़िता की मदद को साथ खड़ा है। हमलावरों को कड़ी सजा दिलाने के लिए पूरा शहर प्रयास कर रहा है। वे खुद भी जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से बात कर चुके हैं। वर्मा ने बताया कि काजल के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। लेकिन वह इस समय असहनीय दर्द से जूझ रही है।

आईओ जाएंगे बनारस, कोर्ट में देंगे आवेदन, तब छात्रा का होगा 164 का बयान

एसिड पीड़िता का सोमवार को बनारस के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान नहीं हो सका। इसके लिए केस के आईओ को बनारस के सीजेएम के अदालत में आवेदन देना होगा। तब सीजेएम किसी ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट को बयान लेने के लिए अधिकृत करेंगे। छात्रा कोर्ट जाने में समक्ष नहीं है, इस कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए छात्रा का बयान हो सकता है या फिर खुद मजिस्ट्रेट अस्पताल जाकर छात्रा का बयान ले सकते हैं। इस केस में पीड़िता का बयान लेने के लिए महिला थानेदार रीता कुमारी गई हुई थी।

उन्हें ही कोर्ट में आवेदन देने को कहा गया था, लेकिन वहां पता चला कि आईओ ही कोर्ट में आवेदन देकर बयान कराने का अनुरोध कर सकते हैं। अब एक-दो दिनों में आईओ बनारस जाकर कोर्ट की इस प्रक्रिया को पूरी करेंगे, तब छात्रा का बयान 164 के तहत हो सकेगा। एसएसपी ने बनारस के अस्पताल से छात्रा की मेडिकल रिपोर्ट मंगवाई है। रिपोर्ट लेकर महिला थानेदार बुधवार को भागलपुर पहुंच जाएगी। छात्रा की आरंभिक मेडिकल रिपोर्ट मायागंज अस्पताल से भी ली गई। पर स्मयन अस्पताल की रिपोर्ट में डिटेल है। इस रिपोर्ट पर मुआवजा तय होगा।