भागलपुर । अत्यधिक गर्मी को लेकर स्कूल बंद किए जाने के डीएम के पुराने आदेश में टेम्परिंग वाले आदेश पत्र को सोशल मीडिया में वायरल करने के मामले में एक शिक्षक की पहचान हुई है। सुल्तानगंज के असरगंज सरस्वती उच्च माध्यमिक विद्यालय बेलारी में पदस्थ जिला परिषद माध्यमिक शिक्षक मनीष कुमार ने ही मोबाइल संख्या 9431693370 से डीएम के पुराने पत्र में टेम्परिंग के आदेश (छुट्टी की बढ़ी तारीख) विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल किया था। इस संबंध में डीपीओ (माध्यमिक शिक्षा) देवनारायण पंडित ने बरारी थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। हालांकि पत्र में टेम्परिंग किसने किया था, इसका खुलासा डीपीओ की तहरीर में नहीं है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!डीपीओ ने पुलिस को बताया कि शिक्षक मनीष कुमार ने ही 23 अप्रैल की रात 10.12 बजे ‘मा. शिक्षक संघ भागलपुर के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप पर डीएम के हस्ताक्षरित आदेश संख्या 413 दिनांक 20.4.23 नामक फर्जी पत्र को वायरल किया। जो देखते-देखते अन्य व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल हो गया। इससे डीएम के पदीय प्रतिष्ठा का हनन एवं कई विद्यालयों के संचालन में गतिरोध उत्पन्न हुआ। डीएम सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि उनके दस्तखत का फर्जी पत्र वायरल होने की जांच के लिए तकनीकी टीम की सहायता ली गई। जांच में मोबाइल नंबर 9431693370 से वायरल होने की जानकारी प्राप्त हुई। जो एक शिक्षक का है। ऐसे में डीपीओ को संबंधित शिक्षक पर एफआईआर करने के निर्देश दिए गए।
क्या था मामला :
पिछले सप्ताह पड़ रही भारी गर्मी को देखते हुए डीएम ने 23 अप्रैल तक स्कूलों में आठवीं कक्षा तक पठन-पाठन स्थगित करने का निर्देश दिया था। 22 अप्रैल को तापमान में गिरावट आने के बाद स्कूल में पठन-पाठन बंद रखने का औचित्य नहीं रह गया था। ऐसे में 24 अप्रैल को स्कूल-कॉलेज स्वत: खुल जाते, लेकिन वायरल फर्जी पत्र से कई स्कूलों में सुबह तक भ्रम की स्थिति बनी रही। कई स्कूलों में आधे से कम बच्चे पढ़ने आए।

