फरवरी से मुंगेर ब्रिज के रास्ते भागलपुर की दो प्रमुख ट्रेनें अमरनाथ एक्सप्रेस और जनसेवा एक्सप्रेस के चलाए जाने के रेलवे बोर्ड के फैसले के बाद अंग अब कोसी क्षेत्र से जुड़ जाएगा। करीब डेढ़ साल बाद डिवीजन के प्रस्ताव को बोर्ड से मिली मंजूरी के बाद अब भागलपुर से कोसी इलाके में सीधी ट्रेन सेवा देने संबंधित लंबित प्रस्तावों को हरी झंडी मिलने का इंतजार है। मार्च में इन्हें मंजूरी मिलने की उम्मीद है। फिलहाल कोसी इलाके के लिए भागलपुर से कोई सीधी ट्रेन नहीं है। भेजे गए प्रस्तावों में दो मेमू और एक पैसेंजर ट्रेन को भागलपुर से सहरसा होकर कटिहार तक चलाने की उम्मीद है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वाई लेग बनने से खत्म हो गई कई परेशानी
अधिकारियों ने बताया कि पहले भागलपुर की ट्रेनों को मुंगेर ब्रिज होकर चलाने में रतनपुर के पास बने वाई लेग में तकनीकी दिक्कतें थीं। वाई लेग की परिधि में सुधार के बाद उसपर ट्रेनों का परिचालन सफल रहा। जमालपुर में आरआरआई निर्माण के समय कुछ ट्रेनों का इस रूट पर परिचालन कराकर रेलवे ने इसे फिट मान लिया। आरआरआई बनने से इस रूट का सिग्नल-प्वाइंट भी कंप्यूटराइज्ड हो गया। अब कोई परेशानी इस रूट पर फिलहाल नहीं है।

अभी भागलपुर से सहरसा के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं
पूर्व-मध्य रेलवे ने भागलपुर से सहरसा के बीच पिछले दिनों प्रयोग के ताैर पर छह माह तक स्पेशल ट्रेन चलाई थी। हालांकि टाइमिंग को लेकर भागलपुर से इसे अच्छा रिस्पांस नहीं मिला था। रेवेन्यू कम होने को आधार बनाकर बोर्ड ने इसे एक्सटेंशन देने से मना कर दिया था। लेकिन यह सहरसा से मुंगेर तक काफी लोकप्रिय ट्रेन रही। सहरसा से खगड़िया के बीच इस ट्रेन से उम्मीद से दूना रेवेन्यू दिया था। श्रावणी मेला में स्पेशल ट्रेन बंद होने के बाद अभी सहरसा के लिए कोई ट्रेन भागलपुर से नहीं है।

पहले दो मेमू और एक पैसेंजर चल सकती है कटिहार तक
अधिकारियों ने बताया कि पूर्व-मध्य रेलवे व पूर्व रेलवे ने भागलपुर से कोसी इलाके के लिए आधा दर्जन ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव दिया था। पहले दो मेमू और एक पैसेंजर ट्रेन भागलपुर से वाया खगड़िया सहरसा और कटिहार तक चलाने की बात कही गई थी। बाद में बरौनी-नई दिल्ली वैशाली एक्सप्रेस का मार्ग विस्तार कर भागलपुर से चलाए जाने की बात थी। वैशाली अब एलएचबी ट्रेन हो गई है। ऐसे में मुंगेर ब्रिज होकर निकट भविष्य में इसे चलाने की उम्मीद नहीं के बराबर है। अधिकारी मानते हैं कि सड़क मार्ग से कोसी इलाके होकर सिलीगुड़ी जाने वाले यात्रियों की संख्या सर्वाधिक है।
