जाम की समस्या फिर विकराल हो उठी है। विक्रमशिला सेतु से लेकर शहर के विभिन्न चाैक-चाैराहे पर लोग जाम से जूझ रहे हैं। लेकिन पुलिस-प्रशासन ने इससे निपटने के लिए अब तक कोई ठाेस पहल नहीं की है। मंगलवार सुबह 7 से शाम 6 बजे तक नवगछिया जीराेमाइल से विक्रमशिला सेतु और भागलपुर जीराेमाइल के बीच करीब 16 किलाेमीटर लंबा जाम लग गया। सुबह नवगछिया की ओर जह्नावी चाैक के पास गड्ढे में जाने से एक ट्रक का गुल्ला टूटा तो जाम लगने लगा। अभी यह ट्रक ठीक भी नहीं हुअा था कि दाेपहर 12 बजे विक्रमशिला सेतु के पाया नंबर-55 के पास गिट्टी लदे ट्रक की पत्ती टूट गई। इससे और जाम बढ़ गया। साथ ही दाेपहर 12.30 बजे भागलपुर की तरफ सेतु के पहुंच पथ पर एक ट्रक ने चार पहिया वाहन काे धक्का मारा और जाम विकराल हो उठा। इस दाैरान जाम हटाने में पुलिस लाचार दिखी। वाहनाें की लंबी कतार लग गई। जाम में फंसी बस, टेंपाे अाैर सवारी गाड़ी से लोग उतरकर पैदल ही चल पड़े। महिला व बच्चाें काे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक हाथ में सामान से भरा बैग ताे दूसरे हाथ से गाेद में बच्चा लिए महिलाएं किसी तरह पुल पार करती दिखीं। पुलिस की काफी मशक्कत के बाद खराब ट्रक दुरुस्त करने में शाम हाे गई। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई अाैर जाम खत्म हुअा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जाम से बाहर निकलने के लिए छटपटाते रहे लोग, पैदल चलने काे हुए विवश
जाम से निपटने को पुलिस व प्रशासन की पहले से बनाई गई व्यवस्था फाइलाें में जाम हाे गई है। विक्रमशिला सेतु पर बार-बार जाम में फंस रहे लोगों की शिकायत है कि सेतु पर वाहनों की खराबी के बाद मौके पर तुरंत पुलिस नहीं अाती है। एक-दो घंटा जाम लगने के बाद पहुंचती है। सेतु पर खराब होने वाले वाहनों को हटाने के लिए भी प्रशासन के पास क्रेन नहीं है। इसके लिए प्रशासन कई बार क्रेन खरीद की बात कर चुका है, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। सेतु पर वाहन खराब होने पर किराए का क्रेन मंगवाया जाता है। क्रेन आने में समय लगता है, इतने में सेतु पर भीषण जाम लग जाता है। क्रेन का भाड़ा भी खराब हुए वाहन चालकों को देना पड़ता है। ट्रैफिक डीएसपी आरके झा ने बताया कि तीन प्राइवेट क्रेन ड्राइवर हैं, जिन्हें जाम होने पर बुलाया जाता है। उसका भाड़ा वाहन चालकों को चुकाना है।

जीरोमाइल से लेकर विक्रमशिला पुल, जह्नावी चौक से नवगछिया तक 16 किलोमीटर तक लंबा जाम लगा रहा। पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया, नवगछिया से भागलपुर आ रहे लाेगाें को काफी परेशानी हुई। पूर्णिया लाइन बाजार से आ रहे मनोज को अपने भाई से मुलाकात करनी थी। उनका भाई विक्रमशिला ट्रेन पकड़ने वाला था। जाम में फंसे तो ट्रेन छूटने के डर और भाई से भेंट न हो, इसलिए वे सामान लेकर पैदल ही पुल पार करने लगे। यही हाल रोहित कुमार का था। वे पूर्णिया से परिवार समेत ससुराल भागलपुर आ रहे थे। रोहित कुमार ने बताया, पुलिस की लापरवाही से अक्सर यहां जाम रहता है। जब भी ससुराल आते हैं, तो विक्रमशिला सेतु पर ही घंटों समय बीत जाता है। उन्होंने बताया कि सुबह छह बजे पूर्णिया से निकलते थे। सेतु पर आते-आते दोपहर 12 बज गए।
सेतु पर 25 पुलिस के जवान हैं, एक शिफ्ट में 7 पुलिस जवान रहते हंै
जाम न लगे, इसके लिए 80 ट्रैफिक पुलिस के जवान लगाए गए हैं। केवल विक्रमशिला सेतु पर 25 पुलिस जवान की तैनाती है। एक शिफ्ट में 7 पुलिस जवान रहते हैं। अधिक जाम होने पर और भी पुलिस जवान को लगाया जाता है। जाम से निपटने के लिए पुलिस मुस्तैद है। लेकिन अतिक्रमण ट्रैफिक व्यवस्था को बिगाड़ रहा है। पार्किंग की व्यवस्था भी नहीं है। -आरके झा, डीएसपी ट्रैफिक
