शहर के कई स्कूल लाॅकडाउन के दाैरान की फीस में लेबाेरेटरी, कंप्यूटर, स्मार्ट क्लास की फीस भी जाेड़ रहे हैं। स्कूल प्रबंधन ने सिर्फ बस से जाने वाले छात्राें से बस का चार्ज नहीं लिया है। बाकी सभी शुल्क ट्यूशन फीस के साथ जाेड़कर ले रहे हैं। अभिभावकाें पर फीस देने का दबाव भी है। इस पर अब एेसी सुविधाअाें के शुल्क भी जाेड़ दिए गए जाे बच्चाें काे मिली ही नहीं। अभिभावक बच्चाें के भविष्य काे लेकर परेशान हैं वहीं स्कूल अपनी दिक्कतें बता रहे हैं। अभिभावकों को ये समझ नहीं अा रहा कि जब बच्चाें ने एक दिन भी क्लास नहीं किया, स्कूल के कंप्यूटर काे हाथ तक नहीं लगाया, लेबाेरेटरी में गए ही नहीं ताे इसके लिए फीस कैसी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!स्कूल प्रबंधन मेंटेनेंस का दे रहा तर्क
किसी स्कूल का कहना है कि पहले से ट्यूशन फीस में ये सारे चार्ज जुड़े हैं, इसलिए ले रहे हैं। काेई मेनटेनेंस के नाम पर ये राशि लेने की बात कह रहा ताे काेई कह रहा इन सभी तकनीकाें का इस्तेमाल करके ही अाॅनलाइन स्टडी मेटेरियल तैयार किया जाता है। डीएवी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य अारसी शर्मा ने कहा कि स्कूल ने स्मार्ट क्लास का सब्सक्रिप्शन लिया है। उससे कंटेंट जेनरेट कर बच्चाें काे भेजा जा रहा है। इसलिए फीस में उसका चार्ज भी शामिल है। नवयुग विद्यालय के सेक्रेटरी दिनेश महेशेका ने कहा कि स्कूल खुलने के बाद ताे सारा सिलेबस कंप्लीट हाेगा ही।

बच्चाें काे अतिरिक्त क्लासेस भी दी जाएंगी। कंप्यूटर के जरिए ही परीक्षा अायाेजित की गई है। बाद में जाे चीजें बच्चाें ने उपयाेग नहीं किया उसके चार्ज वापस हाे जाएंगे। एसकेपी विद्या विहार के सचिव मणिकांत विक्रम ने कहा कि मेनटेनेंस करना पड़ रहा है। शिक्षक बच्चाें काे अाॅनलाइन क्लास से प्रैक्टिकल से संबंधित वीडियाे बनाकर भेज रहे हैं। इसलिए फीस ली जा रही है।
