भागलपुर के हुसैनाबाद में शनिवार की शाम को एक भीषण विस्फोट हुआ जिसकी गूंज करीब 5 किलोमीटर तक गयी. घटना कुरैशी मिस्त्री टोला की है जहां अब्दुल गनी का मकान इस धमाके में जमींदोज हो गया. उसके 17 वर्षीय बेटे तौसीफ आलम की मौत इस हादसे में हो चुकी है. धमाका इतना जोरदार था कि करीब आधा किलोमीटर तक का एरिया थर्रा उठा. मलबे के नीचे से शव को निकाला गया. हुसैनाबाद की घटना ने फिर से काजवलीचक ब्लास्ट की घटना की याद दिला दी है जिसमें ऐसे ही धमाके से कई मकान जमींदोज हो गये थे और लोगों की मौत हुई थी.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बारूद की ढेर पर भागलपुर
भागलपुर में बम धमाके की घटना थमने का नाम नहीं ले रही है. ये कहना अब गलत नहीं होगा कि पूरा शहर ही बारूद की ढेर पर है. कब कहां ब्लास्ट हो जाए कोई नहीं कह सकता. हाल में ही नाथनगर में बम विस्फोट की घटना घटी थी. अभी पुलिस उस विस्फोट की जांच ही कर रही थी कि अब हुसैनाबाद में ब्लास्ट हो गया. ये धमाके शहरवासियों के लिए चिंता का विषय बन चुका है. बीते साल तातारपुर थाना क्षेत्र के काजवलीचक में भी ऐसा ही जोरदार धमाका हुआ था और मकान जमींदोज हो गए थे.
काजीवलीचक ब्लास्ट की यादें हुई ताजा
पिछले साल वर्ष 2022 में मार्च के महीने में काजवलीचक में ऐसा जोरदार धमाका हुआ था जिसकी गूंज दूर तक गयी थी. दर्जन भर से अधिक लोगों की मौत हुई थी. कई मकान जमीनदोज हो गए थे. पीएम नरेंद्र मोदी तक ने इस घटना को लेकर ट्वीट किए थे. पुलिस की जांच भी ताबड़तोड़ चली लेकिन शहर में धमाके नहीं थमे. ये सिलसिला फिर शुरू हुआ है. नाथनगर के बाद अब हुसैनाबाद में विस्फोट हुआ है.

भागलपुर में विस्फोट की घटना नहीं थम रहीं
अगर भागलपुर में विस्फोट की घटनाओं को देखें तो शुरुआती दौर में तो पुलिस काफी सक्रिय होकर जांच में जुटती है लेकिन कई धमाकों की फाइलें अबतक पड़ी हुई है. वहीं शहर में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति से यह साफ होता है कि अपराधियों के मनोबल अब बढ़ चुके हैं और कानून का खौफ उनके अंदर से खत्म हो चुका है.
