भागलपुर : बिहपुर में बराबर, जबकि बाकी पांच विधानसभा क्षेत्र में अजीत शर्मा से आगे चलते रहे अजय मंडल

भागलपुर / पटना

भागलपुर लोकसभा सीट पर मुख्य मुकाबला एनडीए से जदयू प्रत्याशी अजय कुमार मंडल और इंडी गठबंधन से कांग्रेस उम्मीदवार अजीत शर्मा के बीच हुआ। इसमें अजय मंडल अजीत शर्मा को शिकस्त दी और जीत हासिल की। भागलपुर लोकसभा सीट के तहत छह विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें बिहपुर, गोपालपुर, पीरपैंती, कहलगांव, भागलपुर और नाथनगर शामिल हैं। बिहपुर और गोपालपुर में 18 राउंड, जबकि कहलगांव, भागलपुर और नाथनगर में 25 और पीरपैंती में 26 राउंड में मतों की गिनती हुई। इ

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समें बिहपुर विधानसभा क्षेत्र में 18 में से 9 राउंड में अजीत शर्मा आगे रहे। इसके अलावा बाकी में ज्यादातर राउंड में अजय मंडल ने बढ़त बना कर रखी।

हर राउंड में अजय मंडल रहे आगे

पूरे लोकसभा क्षेत्र में हर राउंड में अजय मंडल अजीत शर्मा से आगे ही रहे। गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र में 18 में से सिर्फ दो राउंड में ही अजीत शर्मा आगे रहे। बाकी 16 राउंड में अजय मंडल ही आगे रहे। इसके साथ ही भागलपुर विधानसभा में 15 राउंड में मतों की गिनती हुई। इसमें अजय मंडल 13 और अजीत शर्मा 12 राउंड में आगे रहे। इसके साथ ही पीरपैंती में 26 में से 18 राउंड में अजय मंडल जबकि केवल 8 राउंड में ही अजीत शर्मा आगे रहे। वहीं, कहलगांव में 25 में से 16 राउंड में अजय मंडल जबकि अजीत शर्मा 9 राउंड में आगे रहे।

इसके साथ ही नाथनगर में भी 25 में से 16 राउंड में अजय मंडल और नौ में अजीत शर्मा आगे रहे। सभी राउंडों के आकलन के मुताबिक बिहपुर में लगभग दोनों ही प्रत्याशी बराबर रहे। जबकि गोपालपुर में अजय मंडल ने बढ़त बनाकर रखी। भागलपुर में कांटे की टक्कर रही तो कहलगांव और नाथनगर में हर तीसरे राउंड में अजय मंडल का पीछे करते हुए अजीत शर्मा दिखे। जबकि पीरपैंती में हर चौथे राउंड में अजय मंडल के करीब पहुंचने की कोशिश में अजीत शर्मा दिखे। हालांकि अजय मंडल को मिले मतों को छू नहीं सके।

1. गंगोता समाज का एकमुश्त वोट मिलना जदयू के अजय मंडल गंगोता समाज से आते हैं। साथ ही शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल भी जदयू में शामिल हो गए। ऐसे में गंगोता समाज का एकमुश्त वोट अजय मंडल को मिलने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि गंगोता बाहुल इलाके में वोटिंग प्रतिशत भी बाकी इलाकों से ज्यादा रहा। इसका फायदा अजय मंडल को मिला। 2. एनडीए के वोट बैंक में नहीं हुआ बिखराव शुरुआती दौर में कहा जा रहा था कि भागलपुर सीट जदयू की झोली में चली गई।

इस कारण अगर कांग्रेस के अजीत शर्मा भाजपा के वोट में सेंधमारी कर लेते हैं तो इसका फायदा उन्हें मिलेगा। लेकिन एनडीए के वोट बैंक में अंत तक बिखराव नहीं हो सका। साथ ही भाजपा के नेताओं ने भी खूब सभाएं कीं। अलग-अलग जाति विशेष के भाजपा नेताओं ने अलग-अलग इलाकों में अजय मंडल के लिए चुनावी सभा की और उनके लिए वोट मांगे और इसका फायदा अजय मंडल को हुआ। 3. जदयू कार्यकर्ताओं में आपसी तालमेल इस बार अजय मंडल की जीत के लिए जदयू कार्यकर्ता शुरू से ही सक्रिय नजर आए।

नेताओं-कार्यकर्ताओं में आपसी तालमेल बेहतर रहा। साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अजय मंडल के लिए भागलपुर में रोड शो किया और चुनावी सभाएं भी कीं। इसके साथ ही जदयू से जुड़े अलग-अलग जाति के नेताओं ने अपने समाज के वोटरों को गोलबंद करने में खूब प्रयास किया। ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने भी एक-एक विधानसभा में प्रचार किया। मुख्यमंत्री के सलाहकार मनीष वर्मा ने यहां आकर रणनीति बनाते रहे। शिक्षा मंत्री भी अजय मंडल के लिए जमे रहे। इन सबका का फायदा अजय मंडल को मिला। इस सब कारणों से उनके वोटबैंक में बिखराव नहीं हुआ। इस रणनीति के कारण उन्हें जीत मिले।