नागरिक विकास समिति की ओर से होने वाले पांच दिवसीय भागलपुर महोत्सव का आगाज टाउन हॉल में बुधवार से होगा। शाम में लोक गायिका देवी के गीत पर शहरवासी झूम उठेंगे। महोत्सव का उद्घाटन पूर्व केन्द्रीय मंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन और बिहार सरकार के मंत्री रामनारायण मंडल संयुक्त रूप से करेंगे। भागलपुर महोत्सव का उद्घाटन दोपहर 2 बजे होगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दोपहर दो बजे होगा उद्घाटन, 30 तक टाउन हॉल में होंगे कई कार्यक्रम
राइजिंग स्टार इंडिया के स्टार अख्तर ब्रदर्स भी आएंगे
नागरिक विकास समिति के अध्यक्ष मो. जियाउर रहमान ने बताया कि इस अवसर पर अंगक्षेत्र के सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किए गए हैं। प्रत्येक दिन उद्घाटन सत्र होगा जिसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक पदाधिकारी, महापौर, पत्रकार, समाजासेवी को आमंत्रित किया गया है। राइजिंग स्टार इंडिया के स्टार अख्तर ब्रदर्स भी भाग लेंगे। मंगलवार को समीक्षा बैठक महोत्सव कार्यालय में किया गया।
कार्यक्रम की तैयारी पूरी
संयोजक नरेश साह ने कहा कि इस वर्ष 13वां आयोजन हो रहा है। कार्यक्रम की तैयारी पूरी कर ली गई है। दर्शकों के बैठने की अच्छी व्यवस्था है। शांतिपूर्ण माहौल में इशहरवासी आनंद उठाएंगे। सलाहकार रमण कर्ण ने कहा कि भागलपुर महोत्सव पर भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा जिसमें देश के नामचीन कवि और कलाकार शरीक होंगे। आयोजन समिति की समीक्षा बैठक में अभयकांत झा, अध्यक्ष मो. जियाउर रहमान, विजया मोहिनी, सत्यनारायण प्रसाद, नरेश साह, रमण कर्ण, आनंद श्रीवास्तव, राकेश रंजन केशरी, डॉ. निलीमा राजहंस, डॉ. तबरेज अख्तर, किशोर ठाकुर, दीपक सिंह, सर्वेन्द्र सिन्हा, कृष्णा साह, अनुराग सिंह, रमेन्द्र ज्योति, कौशल किशोर ठाकुर, मो. इम्तियाज, नितेश नंदा, डॉ. अर्चना, सरदार हरविंदर सिंह, विजय घोष, दीपक सिंह, रमेन्द्र ज्योति शंकर, तरूण सिन्हा, अंजनी देवी, मौसमी चन्द्रा, हर्षप्रीत सिंह, मेहताब आलम, मो. इस्तियाक, नीरज जासवाल, कृष्णा साह, अंजनी देवी, पुष्पलता वर्मा, नीरा दयाल, मनोज सिंह आदि मौजूद थे।

आज होंगे ये कार्यक्रम
भोजपुरी गायिका देवी अब अंगिका में भी गाएंगी। मैथिली भाषा में विद्यापति के सदाबहार गीतों की सीरीज निकालने के बाद अब उनका रुझान अंगिका भाषा और यहां के लोकगीतों की ओर है। बुधवार से शुरू हो रहे भागलपुर महोत्सव में शामिल हाेने के लिए मंंगलवार शाम भागलपुर पहुंची देवी ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा, भाषाएं सभी पसंद हैं। लेकिन स्थानीय भाषाओं का अलग महत्व है। हर भाषा अपनी मिट्टी की पहचान होती है। इसलिए मैथिली में कवि विद्यापति के सदाबहार गीतों की शृंखला निकालने के बाद अब अंगिका में गाऊंगी। उन्होंने भागलपुर में तैयार हो रहे कलाकारों की नई पौध के लिए भी संदेश दिया। उन्होंने कहा, कला और प्रबंधन का बेहतर तालमेल ही सफलता की कुंजी है।
देवी ने भागलपुर की तारीफ करते हुए कहा, यहां कि मिट्टी कला से समृद्ध है। कला जीवन है। कला न सिर्फ कलाकारों, बल्कि जनता के लिए भी बेहद जरूरी है। संपन्नता की परिभाषा कला के बिना पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, समय बदल रहा है। कलाकार छोटे शहरों, कस्बे और गांवों से बाहर जा रहे हैं। उन्हें मंच नहीं मिल रहा। ऐसे में सरकारों को उनके बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कला तो मूल है। लेकिन बदलते समय में कलाकारों को प्रबंधन पर भी ध्यान देना चाहिए। उनके प्रबंधकीय गुणों में कला का मिश्रण उन्हें सफलता दिलाएगी और समाज को सांस्कृतिक रंगों में डुबोएगी।
