मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर से मिलने प|ी कुमारी आशा और बेटा मेहुल आनंद सोमवार को विशेष केंद्रीय कारा (कैंप जेल) पहुंचे। ब्रजेश कैंप जेल के तृतीय खंड में बंद है और सप्ताह में सिर्फ एक दिन सोमवार को ही परिजनों से मुलाकात कराई जाती है। प|ी और बेटा गर्म कपड़ा लेकर पहुंचे थे। जेल गेट पर दोनों की तलाशी के बाद सामान की जांच की गई। जांच में कुछ खाद्य सामग्री मिली, जिसे जेल के अंदर नहीं जाने दिया गया। परिजनों के मुताबिक, ब्रजेश की तबियत खराब है, ब्लड शुगर बढ़ा हुआ है। ब्रजेश ने जेल प्रशासन को मौखिक रूप से बीमारी की जानकारी दी है और जेल अस्पताल में भर्ती करने का अनुरोध किया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भागलपुर कैंप जेल में बंद मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर से मिलकर से बाहर निकलतीं प|ी कुमारी आशा व बेटा मेहुल आनंद।

मीडिया को देखते ही प|ी ने दुपट्टे से चेहरे को ढक लिया
परिजन सुबह आठ बजे ही जेल गेट पर पहुंच गए थे और दोपहर पौने एक बजे तक परिजन जेल के भीतर रहे। मुलाकात के बाद परिजन जेल गेट पर मीडिया से कटते हुए बाहर निकले। प|ी ने तो दुपट्टे से चेहरे को ढंक लिया था। बात करने की कोशिश पर परिजन कैमरा देखकर भागने लगे। चलते-चलते प|ी ने बस इतना ही कहा कि ब्रजेश ठाकुर की तबियत ठीक नहीं है। जब पूछा गया कि क्या बीमारी है, तो कहने लगी मीडिया से बात नहीं करनी है।
विजिटर्स मैनेजमेंट सिस्टम में आई खराबी
जेल का विजिटर्स मैनेजमेंट सिस्टम में खराब आ गई। इसके कारण सोमवार को मुलाकातियों का घंटों इंतजार करना पड़ा। सीतामढ़ी जेल से शिफ्ट होकर कैंप जेल पहुंचे छोटू के भाई ने कहा कि वे लोग सुबह आठ बजे ही जेल गेट पर आए गए थे। लेकिन जिस मशीन से पर्ची निकलती है, वह मशीन खराब हो गई थी। करीब 11 बजे मशीन ठीक हुआ, इसके बाद उनकी मुलाकात कराई गई।
एमएलसी रीत लाल से मिले समर्थक
उधर, तृतीय खंड में बंद एमएलसी रीत लाल यादव से भी मिलने उनके समर्थक जेल पहुंचे थे। समर्थक खाने-पीने का सूखा राशन, नमकीन आदि लेकर गए थे, जिसे गेट पर तलाशी के दौरान रोक दिया गया। इस कारण समर्थक सिर्फ भागलपुरी चादर लेकर मिलने गए। बता दें कि रीत लाल यादव जेल का खाना नहीं खा रहे हैं और उनका धरना जारी है। नवरात्र के दौरान बाहर से सूखा राशन मंगवाने की मांग कर रहे थे।
