भागलपुर। राष्ट्रीय लोक अदालत में समनीय मुकदमे के निष्पादन को पहुंचे लोगों में बरारी थाना क्षेत्र के नरेश यादव, कजरैली थाना क्षेत्र के चमकलाल मंडल भी शामिल थे जो काफी परेशान दिखे। बिजली विल की अदायगी बाद भी चमकलाल मंडल को नाहक बिल भेज परेशान कर दिया तो नरेश यादव के साथ ऐसा अजब-गजब हुआ कि पूरे परिवार को मानसिक आघात झेलना पड़ा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वर्ष 2008 में नरेश यादव के विरुद्ध बिजली चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई गई। उक्त मामले में बिजली बिल का बकाया तथा अन्य मद की राशि युक्त एक लाख 40 हजार रुपये का बिल दिया गया। नरेश यादव ने तब 46 हजार रुपये बिल जमा कर उसकी रसीद कोर्ट में दिखाकर 24 नवंबर 2008 को अपनी जमानत कराई। बाद में सरकार की ओर से बिल की कुछ राशि माफ भी हुई। नरेश यादव ने 24 सितंबर 2009 को शेष बचे बिल 53 हजार 715 रुपये 29 पैसे भी जमा कर बिल की पूरी राशि चुकता कर दी। सारी बकाया राशि जमा कराने के बाद भी नौ साल बाद फिर नरेश यादव के विरुद्ध बिजली के इस मुकदमे में वारंट निकाल दिया गया।

इसकी जानकारी जब पुलिस से नरेश को हुई तो परेशान हो गए। पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान हो गया। दरअसल बिजली बिल की बकाया राशि उन्होंने जब जमा करा दी और उक्त मुकदमे को भूल गए फिर अचानक उसी मामले में वारंट निकल जाने की जानकारी पर पूरा परिवार घबरा उठा। उन्हें गिरफ्तारी का भय सताने लगा। परिवार के लोग भी परेशान हो गए कि अब क्या करें? फिर खुद को गिरफ्तारी से बचाते हुए 20 अगस्त 2018 को इस मामले में फिर से नरेश यादव ने अपनी जमानत कराई।

नरेश और उनका पूरा परिवार इस बात को लेकर परेशान रहा कि आखिर ऐसा हुआ कैसे? जमानत कराने के बाद शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में बिजली संबंधी मामले के निष्पादन कर रही बेंच के समक्ष अपना पक्ष रखा। वहीं कजरैली थाना क्षेत्र के बेलसीरा गांव निवासी चमक लाल मंडल को पटवन की बो¨रग के लिए ली गई बिजली में बिल जमा कराने के बाद भी 68 हजार का बिल दे दिया गया। परेशान हो विभागीय कार्यालय की चक्कर काटने वाले चमक लाल भी अपनी परेशानी बेंच के समक्ष रखी। दोनों को समस्या सुनने के बाद निराकरण को आश्वस्त किया।
