भागलपुर: पूरे दलित टोले में पहली बार मैट्रिक पास कर कोमल ने इतिहास रच दिया

भागलपुर / पटना

भागलपुर। कहलगांव के जानीडीह के पूरे दलित टोले में पहली बार मैट्रिक पास कर कोमल ने इतिहास रच दिया था। अब उसकी इस संघर्ष भरी कामयाबी के बाद भागलपुर पुलिस ने आगे पढ़ाई के लिए उसकी मदद को हाथ आगे बढ़ाया है।

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कोमल घोघा के जानिडीह स्थित सिंधु मंडल गर्ल्स हाईस्कूल की छात्रा हैं। कोमल ने इस स्कूल से थर्ड डिवीजन से पास किया है। कोमल को परीक्षा में मिले अंक भले ही अधिक नहीं हो, लेकिन कोमल का संघर्ष अन्य बच्चों से कहीं अधिक है। कोमल का संघर्ष अन्य बच्चों के लिए एक आदर्श है। कोमल अपनी पढ़ाई को जारी रखते हुए अपनी बस्ती के 60 बच्चों के साथ मुफ्त कोचिंग स्कूल भी चलाती है।

मजदूरी का काम पूरी की पढ़ाई

कोमल के पिता दीपक ऋषि और मां बुकिया देवी, पास के ईंट-भट्टे में मजदूर हैं। कोमल के पिता के बीमार पड़ने के बाद कोमल ईंट भट्ठी पर काम करने लगी। वह सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मजदूरी कर अपने घर के लिए दो जून की रोटी का बंदोबस्त करती थी। शाम को घर लौटने के बाद खुद खाना तैयार करती और उसके बाद केरोसिन तेल की डिबिया में रात में पढ़ती।

परीक्षा परिणाम से खुश नहीं थी कोमल

कोमल और बेहतर परिक्षा परिणाम हासिल कर सकती थी, लेकिन जिम्मेदारी के बोझ से दबी कोमल को परीक्षा की तैयारी का अधिक वक्त नहीं मिल पाता था। थर्ड डिवीजन के रिजल्ट से कोमल खुश नहीं थी। लेकिन कोमल के माता-पिता उसके इस परिणाम से बेहद खुश थे। क्योंकि कोमल अपने टोले में मैट्रिक पास करने वाली पहली लड़की थी।

माता-पिता की खुशी से उत्साहित हो कोमल ने अपना अध्ययन जारी रखने का फैसला किया। कोमल शिक्षक बनना चाहती है ताकि समाज के पिछड़े गरीब छात्रों को पढ़ा सके। भागलपुर के एसएसपी आशीष भारती कोमल के इस लगन और प्रयास से बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने कोमल की आर्थिक स्थिति को देखते हुए, भागलपुर पुलिस की मदद से उसके अध्ययन को आगे बढ़ाने का वायदा किया।

इस सम्मान समारोह में भागलपुर एसएसपी आशीष भारती, एडिशनल एसपी, कहलगांव दिलनवाज अहमद और गांव के सम्मानित लोगों के साथ साथ कई छात्राएं मौजूद थी, ताकि उन्हें कोमल से प्रेरणा मिल सके।