बाढ़ का पानी निकलने के बाद फिर से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। भागलपुर में गंगा का जलस्तर खतरा के निशान के करीब पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोग सहमे हुए हैं। गंगा का पानी फिर से क्षेत्र में फैलने लगा है। इसके चलते बाढ़ प्रभावित लोग राहत शिविरों से घर नहीं लौट रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भागलपुर में गंगा का जलस्तर 33.48 मीटर पर पहुंच गया है जबकि खतरे का निशान 33.68 मीटर है। मंगलवार की शाम सात बजे तक गंगा का जलस्तर 33.39 मीटर था। 22 घंटे में नौ सेमी की वृद्धि हुई है। जलस्तर में और वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा है। पूर्व में आयी बाढ़ से जिले के 15 प्रखंडों के नौ लाख 31 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। 571

गांवों में बाढ़ का पानी फैला था। गंगा के जलस्तर में वृद्धि से लोगों को भय सताने लगा है। जो राहत शिविरों से घर लौट गये हैं। वह वापस राहत शिविरों में आने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि राहत शिविरों में प्रशासन द्वारा भोजन की व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। जिला आपदा प्रबंधन शाखा के प्रभारी सह वरीय उपसमाहर्ता विकास कुमार कर्ण ने कहा कि बाढ़ का पानी निकलने के चलते राहत शिविरों को बंद कर दिया गया है। गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। लेकिन अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। अधिक जलस्तर बढ़ने पर पुन: राहत शिविरों को संचालित करने पर विचार किया जाएगा।
