मेडिकल कॉलेज के सामने सैंडिस कंपाउंड के गेट के पास टेम्पो से धक्का लग जाने के बाद डीआईजी ऑफिस के वायरलेस शाखा में तैनात जमादार रामाशंकर चौबे ने चाकू निकाल कर टेम्पो ड्राइवर को सटा दिया और उसे थप्पड़ मारी। सिविल ड्रेस में जमादार के हाथ में चाकू देख लोगों को लगा कि यह लुटेरा है और चाकू का भय दिखा कर टेम्पोे ड्राइवर से लूटपाट कर रहा है। फिर क्या था, भीड़ ने जमादार को चाकू समेत पकड़ लिया और धुनाई कर दी। जमादार साहब अपना परिचय देते रहे, लेकिन भीड़ ने उनकी एक न सुनी। करीब 15 मिनट तक भीड़ ने जमादार को घेरे रखा। जेब की तलाशी ली और अभद्र व्यवहार किया। इससे उनके पैंट की जेब भी फट गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पुलिस ने जमादार को हिरासत में लिया, समझौते के बाद छोड़ा
घटना की जानकारी पाकर तिलकामांझी पुलिस मौके पर पहुंची और जमादार को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने जमादार के पास से चाकू भी जब्त किया। हालांकि बाद में टेम्पो ड्राइवर विनय कुमार (मिर्जापुर, सुल्तानगंज) और जमादार में थाने में समझौता हो गया। तब जाकर जमादार को छोड़ा गया। टेम्पो ड्राइवर ने बताया कि खुद को जमादार बताने वाला व्यक्ति सड़क पार रहा था। उसके टेम्पो से उनके पैर में धक्का लग गया। टेम्पो रुका तो एकाएक जमादार मुझे पीटने लगे और चाकू निकाल कर सटा दिया।

मेरा शर्ट भी फट गया और जेब में रखा एक हजार रुपया गिर गया। यह पैसे दिन भर की कमाई थी। टेम्पो में बैठे यात्रियों ने मेरी मदद की और चाकू समेत उक्त व्यक्ति को पकड़ लिया। तब तक पुलिस आ गई और उक्त व्यक्ति को थाने ले गई। जमादार रामाशंकर चौबे ने तिलकामांझी थानेदार को बताया कि चाकू उसकी जेब में था। धक्का-मुक्की के दौरान जेब फट गया और चाकू गिर गया। मैंने टेम्पो ड्राइवर को चाकू नहीं सटाया। भीड़ ने इस चाकू का दूसरा अर्थ निकाल लिया। टेम्पो के धक्के से मेरे पैर में चोट आई है।
एसएसपी ने जमादार को किया निलंबित
एसएसपी आशीष भारती ने मामले की जांच सिटी डीएसपी राजवंश सिंह से कराई गई। जमादार रामाशंकर चौबे पर लगा आरोप सही मिला। इसके बाद एसएसपी ने जमादार को निलंबित कर दिया। एसएसपी ने बताया कि जमादार से सपष्टीकरण पूछा गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

बॉटनी में पीजी है ड्राइवर
टेम्पो ड्राइवर विनय बॉटनी में पीजी है और रिसर्च की तैयारी कर रहा है। दिन में भागलपुर में टेम्पो चलाता है और शाम में कॉलेज के बच्चों को घर पर ट्यूशन पढ़ाता है। उसने बताया कि पहले अपना टेम्पो था, जो कुछ दिन पहले चोरी हो गया। फिर भाड़े पर टेम्पो लेकर चलाता है। इसी से उसका परिवार चलता है।
