भागलपुर। भीखनपुर स्थित डॉ. मोनिका रानी के नर्सिग होम में शुक्रवार की शाम को गर्भपात के दौरान बरारी पोस्टल कॉलनी निवासी 30 वर्षीय दीपा तिवारी की मौत पर परिजन ने जमकर हंगामा किया। नर्सिग होम में तोड़फोड़ की, वाहनों के शीशे तोड़े और सड़क जाम भी किया। सड़क जाम को हटाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। परिजन डॉ. रानी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। कई थानों की पुलिस को करीब चार घंटे तक लोगों को शांत करने में लगा। डॉ. मोनिका रानी के खिलाफ इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप में केस दर्ज किया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मृतिका के पति सुधांशु शेखर तिवारी अकाउंटेंट हैं। उन्होंने कहा कि पत्नी साढ़े तीन माह की गर्भवती थी। उसका इलाज डॉ. सरस्वती पाडेय के यहां किया जा रहा था। मित्र के कहने पर डॉ. मोनिका रानी के यहां पत्नी को 21 फरवरी को दिखाया। उन्होंने कहा कि गर्भपात कर देंगे कोई परेशानी नहीं होगी। 35 हजार रुपये भी जमा करवाया। शुक्रवार को तीन बजे क्लीनिक लेकर आया। ऑपरेशन थियेटर में दीपा को करीब 3.15 बजे लेकर चिकित्सक गई। आधा घंटा बाद ऑपरेशन थियेटर बाहर लाई, 10 मिनट बाद ही पत्नी की मौत हो गई। थोड़ी ही देर में चिकित्सक एवं उसके स्टॉफ क्लीनिक से बाहर चले गए। कई अन्य चिकित्सक भी आए। डॉ. मोनिका रानी मेडिकल कॉलेज में पदस्थापित हैं।

चिकित्सक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे परिजन
क्लीनिक में साढ़े तीन बजे से लेकर रात आठ बजे तक हंगामा होता रहा। आक्रोशित लोग चिकित्सक की गिरफ्तारी और नर्सिग होम को सील करने की मांग कर रहे थे। सड़क जाम भी कुछ देर के लिए किया गया। पुलिस ने सड़क जाम हटाने के लिए लाठी चार्ज किया। तो विरोध में कुछ देर के लिए लोग धरना पर बैठ गए। आवागमन बाधित रहा। तिलकामांझी, इशाकचक, कोतवाली सहित कई थाना की पुलिस घटना स्थल पर मौजूद थी।
