मध्यप्रदेश ने शुक्रवार को बाणसागर डैम से 7 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा। यह पानी शनिवार को भागलपुर पहुंचा। इसके बाद गंगा उफनी और भागलपुर-झारखंड को जोड़ने वाली एनएच-80 पर सबौर के इंग्लिश फरका में कटाव शुरू हो गया। सड़क के दायीं ओर दो फीट तक पानी बढ़ गया। इससे झारखंड से मिर्जाचौकी के रास्ते भागलपुर का कनेक्शन कट गया। घोघा, एकचारी, कहलगांव और पीरपैंती आने-जाने वाले वाहनों पर रोक लगा दी गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बाढ़ नियंत्रण दस्ते के साथ एनएच इंजीनियरों को कटावरोधी काम में लगाया गया है। सबौर ब्लॉक में आई बाढ़ से रंजदीपुर पंचायत के बगडेर गांव में प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया है। 100 परिवारों को ब्लॉक परिसर में बने पंचायत भवन में शिफ्ट किया गया है। 11 गांवों में भी पानी घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सबौर-गोराडीह रोड पर जमसी के पास तीन-चार फीट पानी बहने से भी पूरा रास्ता बंद कर दिया गया है।


पूरे हाईवे को कटाव से बचाने के लिए डीएम प्रणव कुमार एनएच इंजीनियरों और बाढ़ नियंत्रण दस्ते के साथ रात में मौके पर पहुंचे। इस बीच गंगा का स्तर और बढ़ गया। अफसरों के अनुसार, पानी के बढ़ने की रफ्तार तेज है। इंजीनियरों को तुरंत काम पर लगाया गया। जियो बैग और मिट्टी डालने का काम शुरू हुआ, लेकिन पानी की रफ्तार के आगे बेअसर रहा।
पीरपैंती से भागलपुर की दूरी 100 किमी. बढ़ी
हाईवे पर आवाजाही बंद होने से रोजाना मिर्जाचौकी से भागलपुर के बीच दौड़ने वाले करीब 25 हजार वाहनों को अब ढाका मोड़ और दुमका के रास्ते जाना होगा। इससे करीब 100 किलोमीटर की दूरी बढ़ेगी। पीरपैंती और कहलगांव के लोगों के लिए भी इस दूरी को तय करने के साथ एकमात्र ट्रेन का विकल्प रहेगा।
इन गांवों में बाढ़
रजंदीपुर, संतनगर, बगडेर बगीचा, घोषपुर, इंग्लिश- फरका, मसाडू, ममलखा, राम नगर, अठगमा, कुरपट और बैजलपुर।
इंग्लिश में एनएच कटाव हो रहा है। एनएच पर आवागमन रोका गया है। नियंत्रण के लिए एनएच इंजीनियर और फ्लड कंट्रोल टीम लगाई गई है। रास्ता ठीक रहा तो फिर से आवाजाही बहाल होगी।
– प्रणव कुमार, डीएम
