भागलपुर। जमालपुर में बनने वाले रूट रिले इंटरलॉकिंग (आरआरआइ) के कारण 20 से 29 सितंबर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहेगा। भागलपुर-किऊल सेक्शन पर चलने वाली एक्सप्रेस और पैसेंजर मिलाकर 22 ट्रेनें रद रहेंगी। 33 गाडिय़ों का मार्ग बदल कर चलाया जाएगा। परिचालन रूट बदलने से भागलपुर के अलावा मुंगेर, लखीसराय के यात्रियों को काफी परेशानिया झेलनी पड़ेगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दरअसल, मालदा मंडल का पहला आरआरआइ जमालपुर में बन रहा है। इसका काम जुलाई में ही होना था, लेकिन श्रावणी मेला के कारण इसे सितंबर में करने का निर्णय लिया गया। इसके बनने के बाद रेलवे ट्रैक ऑटोमेटिक बदल जाएगा। आरआरआइ से पहले रेलवे ट्रैक पर प्री-इंटरलॉकिंग, नान इंटरलॉकिंग का कार्य होना है। इस लिए मेगा ब्लॉक लिया गया है।

भागलपुर-दानापुर इंटरसिटी, मालदा-पटना इंटरसिटी, हावड़ा-गया एक्सप्रेस, जमालपुर-सहरसा एक्सप्रेस अप और डाउन में 20 से 29 सितंबर तक नहीं चलेगी। इसी तरह 15 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों को भी कैंसिल किया गया है। इसी तरह 20 से 29 सितंबर तक भागलपुर-आनंद विहार टर्मिनल विक्रमशिला एक्सप्रेस अप और डाउन में साहिबगंज-रामपुरहाट-सेंथिया- आसनसोल-धनबाद-गया-पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय) के रास्ते आएगी और जाएगी। वही, भागलपुर-सूरत एक्सप्रेस बाका-जसीडीह होकर, एलटीटी एक्सप्रेस साहिबगंज-सेंथिया-आसनसोल-धनबाद-गया, अपर-इंडिया, दिल्ली -सियालदह झाझा-किऊल, के रास्ते चलेगी।

गरीब रथ, न्यू फरक्का-नई दिल्ली पटना तक आएगी और जाएगी। जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस इतनी अवधि तक भागलपुर से खुलेगी और यहीं समापन होगा। बाका-राजेन्द्रनगर एक्सप्रेस दशरथपुर तक ही आएगी और जाएगी। इसी तरह दानापुर-साहिबगंज धरहरा तक ही चलेगी। भागलपुर-नई दिल्ली साप्ताहिक एक्सप्रेस मुंगेर होकर चलेगी। अंग एक्सप्रेस साहिबगंज-सेंथिया-आसनसोल और भागलपुर-अजमेर एक्सप्रेस मुंगेर होकर चलेगी। ब्रह्मपुत्र मेल, फरक्का एक्सप्रेस, मालदा-आनंद विहार एक्सप्रेस, गुवाहाटी-लोकमान्य एक्सप्रेस का मालदा-कटिहार-बैरानी-पटना होकर परिचालन किया जाएगा। जबकि जमालपुर-मालदा इंटरसिटी सुल्तानंगज से आएगी और जाएगी। वहीं, भागलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस बरौनी तक ही आएगी और वहा से खुलेगी।
किऊल और पटना तक सीधी रेल सेवा नहीं
जागरण संवाददाता, भागलपुर। रेल से सफर करने वाले यात्रियों के खास खबर। अगले महीने 20 से 29 सितंबर तक एक्सप्रेस से लेकर पैसेंजर तक कई ट्रेनें नहीं चलेंगी। सबसे ज्यादा परेशानी छात्र और दफ्तर जाने वाले डेली पैसेंजरों को झेलनी पड़ेगी। भागलपुर से जमालपुर, सुल्तानगंज, अभयपुर, किऊल, बरियारपुर, लखीसराय, पटना जाने वाले यात्रियों को सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ेगा। दस दिनों तक भागलपुर से इन स्टेशनों तक सीधा रेल संपर्क कटा रहेगा। रेलवे अधिकारियों की मानें तो आरआरआइ का काम 29 तक किसी भी सूरत में पूरा कर लिया जाएगा। ऐसी कोशिश है कि 30 सितंबर से हर हाल में रेल गाड़ियां का परिचालन पुराने मार्ग से होगा। इस कारण यात्रियों को दस दिन के बाद राहत मिलेगी। रूट रिले इंटरलॉकिंग (आरआरआइ) बन जाने के बाद रेलवे की बड़ी उपलब्धि तो होगी साथ ही रेल गाड़ियों के परिचालन में सुलभ हो जाएगा। किऊल जाने के लिए 110 किलोमीटर ज्यादा दूरी तय करनी होगी। वहीं पटना के लिए भी यात्रियों को तीन घंटे ज्यादा सफर करना पड़ेगा।
