भागलपुर : कमिश्नर को फर्जी मेल पर धमकी देने का आरोपी व्यवसायी का बेटा गिरफ्तार

भागलपुर / पटना

कमिश्नर राजेश कुमार को ई-मेल पर धमकी देने के आरोप में शनिवार को कोतवाली पुलिस ने व्यवसायी अशोक अग्रवाल के पुत्र सुमित कुमार अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। जिस मोबाइल नंबर से धमकी दी गई थी, उसे भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।

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घटना को लेकर नया बाजार गोशाला रोड के कपड़ा व्यवसायी राजेश कुमार शर्मा के बयान पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस के मुताबिक, कपड़ा व्यवसायी राजेश कुमार शर्मा के फेसबुक अकाउंट से स्क्रीन शॉट लेकर सोनिया कुमारी के नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर आरोपी व्यवसायी द्वारा गंदी-गंदी गालियां और धमकी दी जा रही थी।

15 जनवरी की रात धमकी दी गई थी
व्यवसायी के ही नंबर से फर्जी ई-मेल आईडी तैयार कर कमिश्नर को 15 जनवरी की रात धमकी दी गई थी। पुलिस ने मोबाइल नंबर की जांच के बाद कपड़ा व्यवसायी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, लेकिन जांच में व्यवसायी खुद पीड़ित निकला। कमिश्नर को धमकी देने के मामले में जोगसर थाने में सनहा दर्ज किया गया। जांच के बाद 20 जनवरी को व्यवसायी के बयान पर कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई।

गूगल ने कोतवाली पुलिस को ई-मेल आईडी का नंबर उपलब्ध कराया
व्यवसायी द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद कोतवाली पुलिस ने सोनिया कुमारी नाम के फेसबुक होल्डर का पता लगाने के लिए दिल्ली स्थित गूगल और फेसबुक दफ्तर को पत्र लिखा। गूगल द्वारा दो दिन पहले कोतवाली पुलिस को ई-मेल आईडी का नंबर उपलब्ध कराया गया। मोबाइल का टावर लोकेशन स्टेशन चौक मिला।

पूछताछ के बाद सुमित हिरासत में
कोतवाली पुलिस ने स्टेशन रोड स्थित अशोक ऑटो मोबाइल में छापेमारी कर नया बाजार स्थित घर की तलाशी ली। पुलिस ने पूछताछ के बाद सुमित को हिरासत में ले लिया। जांच पूरी होने के बाद शनिवार को पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत सुमित को गिरफ्तार कर लिया। सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेश किया गया। कोतवाली इंस्पेक्टर केदारनाथ सिंह ने कहा कि आरोपी व्यवसायी को जेल भेज दिया गया है।

बंगलोर से सुमित ने की है एमबीए की पढ़ाई
गिरफ्तार व्यवसायी पुत्र सुमित अग्रवाल ने बेंगलुरु से एमबीए की प़ढ़ाई की है। पिता के साथ ऑटो मोबाइल दुकान में काम संभालता है। सुमित ने कहा कि हमारे ही मोबाइल नंबर से कमिश्नर को धमकी दी गई थी, लेकिन हमने धमकी नहीं दी है। परिवारवालों ने कहा कि सुमित गंभीर बीमारी से परेशान है। वह सेंसलेस हो जाता है। उसका इलाज भी चल रहा है। कोतवाली पुलिस को इलाज का चिट्ठा भी दिया गया है।

लैपटॉप से मेल कर दिया गया डिलीट
जिस लैपटॉप से धमकी के लिए ई-मेल आईडी तैयार किया गया था। उससे मैसेज डिलीट कर दिया गया है। पुलिस ने जांच के दौरान मैसेज की खोज की, लेकिन नहीं मिला। कोतवाली पुलिस गूगल से मदद लेकर मैसेज सीज करने की कोशिश कर रही है। पुलिस के मुताबिक केस में जब्त मोबाइल बड़ा सबूत है। घटना को लेकर अभी आगे भी जांच की जा रही है। आरोपी सुमित और व्यवसायी पड़ोसी है।