ब्लू व्हेल गेम चैलेंज के बाद अब सोशल मीडिया पर एक और चैलेंज वायरल हो रहा है, जो WhatsApp पर पॉपुलर हो रहा है। इसे ‘Momo’ चैलेंज कहा जा रहा है। ये अर्जेंटीना, मैक्सिको, अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों में तेजी से फैल रहा है जो बच्चों को सुसाइड के लिए उकसा रहा है। Momo चैलेंज कहां से आया और इसे किसने बनाया है, इस बारे में अभी कोई भी जानकारी नहीं मिल सकी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!क्या है Momo चैलेंज?
– दरअसल, सोशल मीडिया पर एक WhatsApp नंबर वायरल हो रहा है जिसे Momo चैलेंज बताया जा रहा है। इस नंबर का एरिया कोड जापान का है। दावा किया जा रहा है जो भी इन नंबर से बात करता है, वो सुसाइड करने के लिए मजबूर हो जाता है।
– कहा जा रहा है कि Momo चैलेंज भी ब्लू व्हेल गेम की तरह ही है और ये भी लोगों को सुसाइड के लिए उकसा रहा है।
कैसे काम करता है ये?
– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबसे पहले यूजर्स को अज्ञात नंबर पर मैसेज करने का चैलेंज दिया जाता है।
– नंबर सेव करने के बाद इस नंबर से बात करने का चैलेंज दिया जाता है। मैसेज करते ही इस नंबर से यूजर को कई डरावनी तस्वीरें भेजी जाती हैं।
– इसके बाद यूजर को कुछ टास्क दिए जाते हैं, जिन्हें नहीं करने पर धमकाया भी जाता है।

कैसे आया ये सामने?
– Buenos Aires Times के मुताबिक अर्जेंटीना में पिछले दिनों एक 12 साल की बच्ची ने सुसाइड कर ली थी। सुसाइड करने से पहले उसने अपने मोबाइल फोन में अपना एक वीडियो रिकॉर्ड किया था।
– पुलिस को शक है कि उसे ऐसा करने के लिए उकसाया गया है और एक 18 साल के युवक की तलाश की जा रही है जो उस बच्ची के संपर्क में था।
– पुलिस का कहना है कि उस युवक की तलाश के लिए बच्ची के मोबाइल को हैक किया गया है और दोनों के बीच जो भी चैट हुई है, उसे निकाला जा रहा है।
– पुलिस का मानना है कि Momo चैलेंज को पूरा करने के लिए बच्ची को अपना सुसाइड वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने को कहा गया होगा।

इस चैलेंज से बच्चों को ऐसे बचाएं :भारत में Momo चैलेंज फिलहाल नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए ये फैल भी सकता है। इसलिए हमने इस चैलेंज से बच्चों को बचाए रखने के लिए मनोरोग विशेषज्ञ अनामिका पापड़ीवाल से बात की। उन्होंने बताया कि ‘अगल बच्चा सोशल मीडिया पर एक्टिव रहता है तो उसपर नजर रखें। बच्चों को समझाएं कि किसी भी अज्ञात नंबर से मैसेज आए तो उससे बात न करें। अगर बच्चे के बिहेवियर में कुछ भी बदलाव आता है, उसकी रोजाना एक्टिविटी में बड़ा बदलाव दिखता है, जैसे- वह अपने में खोया रहता है, शांत रहता है, अचानक से खाना-पीना छोड़ देता है तो मनोरोग विशेषज्ञ की मदद लें।’

