आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियों ने कमर कसना शुरू कर दिया है. सीटों पर उम्मीदवार उतारे जाने को लेकर कयास लगने तेज हो गए हैं. वहीं, बेगूसराय लोकसभा सीट से जेएयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को उतारे जाने की संभावना को लेकर यहां मुकाबला दिलचस्प होने वाला है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अब आ रही खबरों के मुताबिक कन्हैया कुमार को लेकर महागठबंधन में लगभग सहमति बन चुकी है. राजद, कांग्रेस, हम सहित अन्य वाम दलों ने भी कन्हैया के नाम पर एकमत हैं. वहीं, सत्ता पक्ष के खेमें में इस बात को लेकर राजनीति जोर पकड़ने लगी है कि कन्हैया कुमार के विरोध में बेगूसराय से एनडीए से किसे मैदान में उतारा जाए. इसको लेकर कई नाम सामने आने लगे हैं.

गिरिराज सिंह कर सकते हैं दावेदारी
बेगूसराय से वर्तमान में बीजेपी के भोला सिंह सांसद हैं. अस्वस्थ्य होने और 75 की उम्र सीमा पार करने के बाद इस बार वो शायद चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. ऐसे में कन्हैया कुमार को टक्कर देने के लिए बीजेपी के फायर ब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्र गिरीराज सिंह को यहां से चुनाव लड़ाने की चर्चा है. गिरीराज सिंह वर्तमान में नवादा से सांसद हैं.
राकेश सिन्हा भी मजबूत दावेदार
हाल ही में राज्यसभा जाने वाले संघ विचारक प्रो. राकेश सिन्हा के नाम पर भी पार्टी विचार कर सकती है. राकेश सिन्हा खुद भी बेगूसराय से आते हैं. ऐसे में उनकी दावेदारी भी मजबूत दिख रही है. इस बारे में राकेश सिन्हा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कुछ वामपंथी मेरे भविष्य को लेकर ट्विटर पर बहुत चिंतित हैं. वे बेगूसराय के लोकसभा चुनाव की भविष्यवाणी करते हुए मन भर गाली दे रहे हैं. इतना समय और ऊर्जा वे मार्क्स को भारतीय संदर्भ में समझने में लगाते तो शायद उनकी मानसिक उन्नति होती. बेगूसराय में भगवा बयार उन्हें दिखाई नही पड़ रहा है.

जेडीयू भी कर सकती है दावा
वहीं, एनडीए के सहयोगी दल जेडीयू की भी इस सीट पर दावेादरी कम नहीं है. 2009 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो बेगूसराय सीट से जेडीयू के मोनाजिर हसन इस सीट पर चुनाव लड़े थे. उन्होंने सीपीआई के ही वरिष्ठ नेता शत्रुघ्न प्रसाद सिंह को हराया था. मोनाजिर को पार्टी में एक बार फिर से शामिल किया गया है. ऐसे में कयास ये भी लगाया जा रहा है कि जेडीयू अपने लिए एनडीए से ये सीट मांग सकती है.
कन्हैया भी जता चुके हैं सहमति
हालांकि अभी तक कन्हैया कुमार के नाम की औपचारिक घोषणा नहीं हो पाई है. लेकिन जिस तरीके से कन्हैया बेगूसराय में लगातार सभा कर रहे हैं. लोगों से मिलकर लाल झंडे के पक्ष में वोट करने के लिए कह रहे हैं. ऐसे में लगता है उनके नाम की औपचारिक घोषणा मात्र ही बाकी है. कन्हैया ने भी बेगूसराय से टिकट दिए जाने पर चुनाव लड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया है.
