थानाध्यक्ष की पोस्टिंग को लेकर पुलिस महानिदेशक के नये निर्देश का पालन किया गया तो राज्य के अन्य जिलों के साथ-साथ कटिहार के भी 90 प्रतिशत थानाध्यक्षों की कुर्सी छिन जायेगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!डीजी के नये आदेश के बाद विभागीय स्तर पर खलबली मच गया है। पुलिस पदाधिकारी तरह-तरह का चर्चा करने लगे हैं। सरकार ने थानाध्यक्षों की पोस्टिंग से पहले जो शर्त निर्धारित किया गया है उसमें अधिकांश थानाध्यक्ष खड़ा नहंी उतरते हैं।

इससे यह चर्चा होने लगी है कि डीजीपी के आदेश को 15 अगस्त बाद जिला स्तर पर लागू किया गया तो जिले में पदस्थापित 90 प्रतिशत थानाध्यक्षों को वरीय पुलिस पदाधिकारियों को हटाकर नये थानाध्यक्षों को पदस्थापित करना पड़ेगा। जिला पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष इंस्पेक्टर रंजन कुमार सिंह ने कहा कि एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मृत्युजंय कुमार सिंह एवं महामंत्री कपिलेश्वर पासवान ने डीजीपी से पत्राचार किया है साथ ही संबंधित पदाधिकारी से भेंटकर थानाध्यक्ष एवं अंचल निरीक्षक के पदस्थापना के संदर्भ में दिये गये आदेश पर पुनर्विचार करने एवं जिला में पदस्थापित कनीय व वरीय सभी पदाधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित करने का अनुरोध किया है।

पत्र के माध्यम से कहा है कि गृह विभाग विशेष शाखा द्वारा शराब बंदी, अपराध नियंत्रण, विधि व्यवस्था, कांडों के अनुसंधान से संबंधित अन्य सभी प्रकार की जवाबदेही, सहायक अवर निरीक्षक, पुलिस अवर निरीक्षक एवं इंस्पेक्टर के लिए निर्धारित की गई।इस आदेश से कनीय पुलिस पदाधिरियों में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि अधिकांश थानाध्यक्ष व पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ तीन या इससे अधिक ब्लैक मार्क्स वरीय अधिकारियों द्वारा दिया गया है।
