बिहार में ग्रामीण क्षेत्रों की तरह अब शहर में रहने वाले राशनकार्ड विहिन चिह्नित परिवारों को भी राज्य सरकार एक-एक हजार देगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को इसको लेकर सर्वे कराने का निर्देश नगर विकास एवं आवास विभाग को दिया है। इसका सर्वे नेशनल लाइवलीहुड मिशन से होगा। दूसरी ओर, उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव तथा सभी जिलाधिकारियों व अनुमण्डलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर पूरी तौर पर स्पष्ट कर दें कि जीविका के माध्यम से चिन्हित सभी राशनकार्ड विहीन परिवारों को एक हजार दिए जाएंगे। इसको लेकर लोगों के बीच कोई भ्रम नहीं रहे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मुख्य सचिव और अन्य आलाधिकारियों के साथ गहन समीक्षा की। यह भी कहा कि एक हजार की राशि इन परिवारों को उपलब्ध कराने के बाद ऐसे चिह्नित सभी परिवारों को जांच कराकर राशनकार्ड भी प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि यह सुनिश्चत कराएं कि जन वितरण प्रणाली के माध्यम से लोगों में वितरित किया जाने वाले खाद्यान की गुणवत्ता और उसकी तौल सही हो। यदि इसमें कोई गड़बड़ी की शिकायत मिलती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।

कृषि इनपुट के लिए आवेदन का मिलेगा और मौका
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि फरवरी-मार्च में असामयिक वर्षा और ओलावृष्टि से हुयी फसल क्षति के लिए किसानों को दिए जा रहे कृषि इनपुट अनुदान लेने के लिए किसी कारणवश आवेदन कोई नहीं कर पाये हैं, उनके लिये कम से कम एक सप्ताह का और मौका दें। यह भी कहा कि पिछले तीन-चार दिनों में भी राज्य के कुछ जिलों में असामयिक वर्षा/ओलावृष्टि हुई है, जिससे किसानों की फसल को क्षति हुयी है। इस फसल क्षति का भी सर्वेक्षण जल्द से जल्द कराना कराएं, ताकि किसानों को लाभ मिल सके।
