बिहार : मांग को लेकर हजारों की संख्या में जुटकर विरोध-प्रदर्शन किया और धरने पर बैठे

भागलपुर / पटना

पटना. बिहार सरकार की कार्रवाई की चेतावनी को धता बताते हुए नियोजित शिक्षकों ने शिक्षक दिवस नहीं मनाया. इसके साथ ही ‘समान काम-समान वेतन’ की मांग को लेकर हजारों की संख्या में जुटकर विरोध-प्रदर्शन किया और धरने पर बैठे. गुरुवार की सुबह से ही राजधानी के आर ब्लॉक से लेकर गर्दनीबाग इलाका सील रहने के बाद भी शिक्षक अपनी रणनीति में कामयाब हुए और गर्दनीबाग में हजारों की संख्या में पहुंचकर प्रदर्शन किया. शिक्षकों की इस मांग को जन अधिकार पार्टी ने भी अपना समर्थन दिया है और पार्टी अध्यक्ष पप्पू यादव उर्फ राजेश रंजन शिक्षकों के साथ धरने पर बैठ गए.

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पप्पू यादव ने शिक्षा मंत्री को कहा ‘गोबर’

पप्पू यादव ने नियोजित शिक्षकों के समर्थन में आवाज बुलंद करते हुए शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा को नासमझ करार देते हुए आपत्तिजनक शब्द का भी इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा, ‘शिक्षा मंत्री गोबर हैं, उन्हें कुछ नहीं पता. शिक्षकों को समान वेतन देना ही होगा.’

‘नेपोलियन और हिटलर का देश नहीं’

जाप नेता ने कहा, ‘नियोजित शिक्षकों को प्रदर्शन की अनुमति भी नहीं दी जा रही. यह नेपोलियन और हिटलर का देश नहीं है. शिक्षकों की बात नहीं मानी गई तो हंगामा होगा. सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाया हुआ है.’ उन्होंने कहा कि शिक्षकों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

शिक्षकों का आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन

बता दें कि पटना में समान काम-समान वेतन की मांग को लेकर नियोजित शिक्षक धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. राज्य सरकार द्वारा सरकारी फरमान निकाले जाने के बाद भी हजारों की संख्या में शिक्षक आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं और धरना पर बैठे हैं. पटना के गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल के बाहर नियोजित शिक्षकों का ये प्रदर्शन लगातार जारी है.

पटना में नियोजित शिक्षकों का प्रदर्शन
पटना में शिक्षक दिवस के मौके पर विरोध प्रदर्शन करते नियोजित शिक्षक.

कोने-कोने से पहुंचे हैं शिक्षक

इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए राज्य के कोने-कोने से नियोजित शिक्षक पटना पहुंचे हैं. इन शिक्षकों में महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं. शिक्षकों ने नीतीश सरकार पर अत्याचार करने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की है. सरकार की चेतावनी के बाद भी शिक्षकों ने शिक्षक दिवस नहीं मनाया और 5 सितंबर को ही हड़ताल कर दिया.