लोकतंत्र में संसद सदस्य से लेकर त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों तक सभी को जनता अपने नेतृत्व के लिए कीमती वोट देकर चुनती है. लेकिन विकास के नाम पर वोट लेकर निर्वाचित जनप्रतिनिधि को जब अपने नेता को चुनने के लिए वोट देने की बारी आती है, तो वह अपने वोट की कीमत शराब की मदहोशी में बियर बार के डांसर के आगोश में झूलते हुए वसूलता है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दरअसल, देश के विकास की बात करने वाले दर्जनों नेता नेपाल के एक डांस बार में अश्लिल डांस करते नजर आ रहे हैं. ये नेता अपने क्षेत्र का कितना विकास करेंगे, यह वीडियो देखकर आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं. यह वीडियो नेपाल के एक बियरबार का है, जहां लगभग एक दर्जन नेता हाथों में जाम लिए झूम रहे हैं. साथ ही बियर बार की डांसरों के साथ अश्लील डांस भी कर रहे हैं, तो कुछ नेता लड़कियों के साथ बैठ कर उनके हाथों से शराब के जाम को हलक में उतार रहे हैं.

जिला परिषद् अध्यक्ष या प्रखंड प्रमुख बनने के लिए खरीद-फरोख्त की बातें कही जाती थी, लेकिन ईनाडू इंडिया आपको त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा प्रखंड प्रमुख के चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग के एक अलग तरीके से रू-ब-रू कराएगा. मोतिहारी के पताही प्रखंड के प्रमुख पद के चुनाव से संबंधित मामला है. इस वीडियो में दिखने वाले लोगों में एक प्रखंड प्रमुख पद का खुद दावेदार है, तो अन्य उसके समर्थन में आए पंचायत समिति सदस्य हैं, जिन्हें लेकर प्रत्याशी नेपाल के एक होटल में कई दिनों से हैं.

इसी दौरान इन पंचायत प्रतिनिधियों की करतूत नेपाल से मोबाइल द्वारा पताही पहुंच गई. पताही प्रखंड प्रमुख अमीरी बैठा पर अविश्वास प्रस्ताव लगाते हुए 11 पंचायत समिति सदस्यों ने विगत 14 जुलाई को आवेदन दिया. लिहाजा, आवेदन के आलोक में विगत छह अगस्त को अविश्वास पर चर्चा के लिए दिन मुकर्रर किया गया. छह अगस्त को अमीरी बैठा पर अविश्वास लग गया और वे पदच्युत हो गए. उसके बाद 27 अगस्त को प्रखंड प्रमुख के चुनाव के लिए तिथि निर्धारित की गई है. लेकिन, अविश्वास लगाने वाले पंचायत समिति सदस्यों के अगुआ एवं प्रखंड प्रमुख पद के अघोषित प्रत्याशी ने अपने समर्थकों के टूट को बचने के लिए उन्हें नेपाल की रंगीनियों का सैर कराया है.

यहां पुरुष पंचायत समिति सदस्यों के अलावा महिला सदस्यों के पुत्र अथवा पति बियर बार में गुलछर्रे उड़ा रहे हैं. जहां लोकतंत्र को कलंकित करने की पटकथा लिखी जा रही है. अब सवाल उठता है कि संसद और उसके ऊपरी सदन के लिए हुए हॉर्स ट्रेडिंग पर कार्रवाई भी हुई है. लेकिन, क्या पंचायत प्रतिनिधियों के चुनाव में हो रहे हॉर्स ट्रेडिंग के इस नए तरीके पर कोई कार्रवाई होगी?
