प्रखंड के मध्य विद्यालय, बलहा को भी क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। विद्यालय से सटे उत्तर तरफ घनी आबादी है। इस तरफ विद्यालय के कमरे की खिड़कियां हैं। इस कारण स्थानीय लोग क्वारंटाइन बनाने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि विद्यालय की खिड़की खुला रखना खतरे से खाली नहीं है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वहीं अगर खिड़की खोलकर नहीं रखते हैं तो रहने वाले प्रवासी मजदूरों को शुद्ध हवा नहीं मिल पायेगी। इस स्थिति को गंभीरतापूर्वक देखते हुए दो बात सामने आ रही है पहला कि अगर इस विद्यालय को कोरोनटाइन सेंटर बनाया गया है तो विद्यालय के पूरब , पश्चिम एवं उत्तर तरफ के सभी खिड़कियों को अविलंब बन्द किया जाना होगा।

इसके लिए खिड़की को बेल्डिंग कर बंद करना होगा। क्योंकि खिड़की लोहे का बना है। दूसरा चूंकी इस विद्यालय के पास खुली जगह नहीं है। साथ ही विद्यालय से सटे सघन आबादी है। इसलिए क्वारंटाइन सेंटर के लिए सुरक्षा के ख्याल से ठीक नहीं है।
