नवगछिया : जिले में बाढ़ और लगातार हो रही रही बारिश से आमजनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, सबसे खराब स्थिति बाढ़ प्रभावित इलाकों की है। गंगा और कोसी का कहर जारी है। इसके साथ ही सहायक नदियां भी उफान पर हैं। बिहपुर के नरकटिया नन्हकार जमींदारी बांध पर कटाव जारी है, फिर यहां करीब 20 फीट में बांध का हिस्सा कटकर नदी में समा गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस्माइलपुर-बिंदटोली बांध पर फिलहाल कटाव स्थिर है, लेकिन गंगा के दबाव से खतरा बना हुआ है। गोपालपुर प्रखंड के गोसाईं गांव जमींदारी बांध पर पानी का दबाव है। कलबलिया धार के पास 14 नंबर सड़क पर पानी के दबाव के कारण सड़क में दरार पड़ गई है। स्थिति यह है कि यहां किसी भी समय सड़क कट सकती है। एसडीओ मुकेश कुमार ने इस्माइलपुर बिंदु टोली के स्पर 6 बांध का निरीक्षण किया। मौके पर उन्होंने इंजीनियरों को सतर्क रहने का निर्देश दिया।


नवगछिया में गंगा खतरे के निशान 31.60 मीटर से 1.40 सेंटीमीटर ऊपर नदी अभी 33.00 मीटर पर बह रही है। कहलगांव केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर में प्रति तीन घंटे में एक सेंटीमीटर बढ़ रहा है। यहां खतरे के निशान 31:09 मीटर से 102 सेंटीमीटर ऊपर गंगा बह रही है। नदी का जलस्तर रविवार की शाम तक 32.11 मीटर तक पहुंच गया था। जबकि शनिवार को नवगछिया में गंगा के जलस्तर में कमी आई थी

बारिश से बांध का बचाव कार्य प्रभावित, जो गति चाहिए वह नहीं बन पा रही है
बिहपुर में नरकटिया नन्हकार बांध की स्थिति नाजुक बनी हुई है। बांध पर 200 फीट में कई दिनों से हो रहे कटाव का नतीजा यह है कि बांध का अधिकांश हिस्सा कट कर गंगा में समा चुका है। जल संसाधन विभाग की टीम बचाव कार्य में जुटी है। शनिवार की शाम से बोल्डर डालकर कटाव को रोकने का शुरू हुआ, जो लगातार हो रही बारिश से बांध का बचाव प्रभावित है। जिस गति से कार्य होना चाहिए, उस गति से कार्य नहीं हो पा रहा है। हालांकि बोल्डर देने के बाद तत्काल हालात कुछ नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। कटाव शुरू होने पर कभी भी परिस्थिति बदल सकती है। इस्माइलपुर-बिंद टोली बांध के स्पर संख्या 6 एन के कटने के बाद स्थिति गंभीर हो गई है। नदी रिंग बांध के बिल्कुल करीब है, अब नदी का सीधा दबाव रिंग बांध है। तेतरी जाह्नवी चौक 14 नंबर सड़क पर पानी का बहाव जारी है। छोटी परबत्ता के पास तेज रिसाव से जगतपुर पंचायत बाढ़ की चपेट में आ गया है। 14 नंबर सड़क से बाढ़ के पानी के बहाव खगड़ा व गेरेया के पास से होने व कलबलिया धार के पास सड़क की स्थिति दयनीय होने से आवागमन ठप हो चुका है।

पानी व शौचालय की विकट समस्या
बाढ़ पीड़ितों की स्थिति नारकीय हो गई है। बारिश के बीच बाढ़ पीड़ित तटबंध व सड़कों पर अपने परिवार के साथ पॉलीथिन से बनी छतरी के नीचे रह रहे हैं। पीड़ित जो भी अपना सामान बचाकर अपने साथ लेकर आए हैं, वह भींग गए हैं। रात और दिन भींगे अवस्था में दिन गुजारने को विवश हैं। खाने की विकट समस्या उत्पन्न हो गई है। बच्चे-बूढ़े, नवजवान सभी की हालत एक जैसी है।
इस्माइलपुर के बाढ़ पीड़ित सड़क पर आ गए हैं।

टपुआ दियारा में बाढ़ में घिरा बीमार वृद्ध।
रंगरा प्रखंड की कौशिकीपुर सहोड़ा पंचायत काेसी के बाढ़ के पानी से पूरी तरह से घिर गई है। यहां के लाेग अपना-अपना घार छाेड़कर कटारिया रेलवे स्टेशान अाैर रेल ट्रैक के किनारे शरण लिए हुए हैं।
