जिला परिषद सदस्य गौरव राय के भाई सोनू राय हत्याकांड में फरार चल रहे कुख्यात पवन यादव को पुलिस ने खरीक के बगड़ी स्थित उसके सुसराल से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पुलिस ने एक देसी कट्टा, दो गोली, एक बाइक और एक मोबाइल बरामद किया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नवगछिया एसपी निधि रानी ने बताया कि सोनू राय हत्याकांड में कई आरोपियों की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है। इस मामले में फरार चल रहे आरोपी लतरा निवासी पवन यादव को उसके सुसराल में सूचना मिलने पर टीम गठित की गयी। इसके बाद बिहपुर इंस्पेक्टर नर्मद्धश्वर चौहान, नवगछिया थानाध्यक्ष राजकूपर कुशवाहा एवं झंडापुर ओपी प्रभारी पंकज के नेतृत्व में बगड़ी गांव में कार्रवाई की गयी। आरोपी के पास से बरामद मोबाइल वही है, जिसका लोकेशन सोनू राय हत्याकांड के समय घटनास्थल पर पाया गया था। आरोपी लतरा निवासी पुरुषोत्तम यादव उर्फ छोटू यादव गिरोह का प्रमुख शूटर है।
अब तक उस पर नवगछिया पुलिस जिले में पांच मामले दर्ज हैं। वह पैसे लेकर हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम देता है। सोनू राय हत्याकांड के बाद आरोपी कहलगांव और घोघा में रिश्तेदारों के यहां छिपकर रह रहा था। वहां भी नवगछिया पुलिस ने छापेमारी की थी, लेकिन वह फरार हो गया था। एसपी ने बताया कि सोनू राय हत्याकांड के अन्य आरोपी भी जल्द पकड़े जाएंगे। पुलिस बदमाश छोटू यादव की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही है।

कुख्यात छोटू ने सोनू राय को मारी थी गोली
गिरफ्तार आरोपी पवन ने बताया कि सोनू राय की हत्या से पहले छोटू यादव, दिलखुश, गोविंद, गांधी और मैंने गरैया स्थित गोविंद के घर शराब पी थी। इसके बाद सभी घटनास्थल पर गये। छोटू यादव ने सोनू राय को गोली मारी थी। गांधी ने जान बूझकर मोबाइल भागलपुर में ही छोड़ दिया था ताकि लोकेशन भागलपुर का मिले। घटना को अंजाम देने के लिए पांच लाख में राकेश राय ने छोटू को सुपारी दी थी।
एसपी ने बताया कि डीएम ने कुख्यात राकेश राय की रायफल का लाइसेंस वर्ष 2012 में रद्द कर दिया था। इसके बावजूद उसने रायफल जमा नहीं की थी। वह रायफल खरीक के नया टोला निवासी संजो सिंह के यहां है। हत्याकांड का मुख्य शूटर छोटू यादव की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पायी है। छोटू के अलावा चिंटू कुमार, संजू सिंह सहित अन्य आरोपी फरार हैं, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। हत्याकांड में राकेश राय, मुरली राय, गांधी कुमार, गोविन्द कुमार और झाबो राय को पुलिस पहले गिरफ्तार कर चुकी है। पवन की गिरफ्तारी मामले में बड़ी उपलब्धि है
