नवगछिया से कुरसेला तक भारी जाम में फसे स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, प्रशासन में मचा हड़कंप

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नवगछिया से कुरसेला तक पिछले तीन दिनों से जारी जाम का कहर सोमवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे पर टूटा. उन्हें सोमवार को भागलपुर से होते हुए गोडडा जाना था. शाम पांच बजे पूर्णिया से उनका काफिला भागलपुर के लिए निकला. उनके साथ सुरक्षा दस्ता भी था. लेकिन, कुरसेला आते-आते उनकी गाड़ी जाम में फंस गयी. भारी मशक्कत के बाद सुरक्षाकर्मियों ने जाम के बीच रास्ता बनाया और किसी तरह रात 11.40 बजे वह विक्रमशिला पुल पार कर भागलपुर की ओर आ सके. पूर्णिया से भागलपुर की दूरी एनएच-31 होते हुए करीब 88.5 किलोमीटर है. 88.5 किलोमीटर की दूरी तय करने में मंत्री को छह घंटे 40 मिनट लग गये.

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जाम में फंसे मंत्री ने कई जगह पर उतर कर जाम का निरीक्षण किया और लोगों की समस्या जानी. मंत्री के साथ चल रहे लोगों के अनुसार फोन पर कुछ लोगों को फटकार भी लगायी. पूरे रास्ते पुलिस के नदारद रहने को भी मंत्री ने गंभीरता से लिया. उन्होंने कहा कि कहीं भी ट्रैफिक पुलिस नहीं थी, जबकि पुलिस को रहना चाहिए था.

प्रशासन में मचा हड़कंप

मंत्री के जाम में फंसने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया. कटिहार, नवगछिया और भागलपुर की पुलिस लग गयी, लेकिन जाम की स्थिति इतनी भयावह थी कि उनकी गाड़ी किसी तरह आगे बढ़ पा रही थी. हालांकि, बाद में भागलपुर के ट्रैफिक डीएसपी आरके झा ने किसी तरह रास्ता बनवा कर मंत्री की गाड़ी को पुल के पार कराया.

नहीं जा सके गोड्डा

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे पूर्णिया में मेडिकल अस्पताल का उदघाटन करने गये थे. वहां से उन्हें भागलपुर होते हुए गोड्डा जाना था, लेकिन जाम में फंसने की वजह से वह गोड्डा नहीं जा सके. सर्किट हाउस में ही उन्हें रात गुजारनी पड़ी.

सवाल : जाम हो रहा है. रोज लोग फंस रहे. समानांतर पुल का क्या हुआ?

जवाब : जाम तो है, पर समानांतर पुल की स्वीकृति हो गयी है.

सवाल : यह रोज का जाम है, काफी दिक्कत है.

जवाब : हां, वो फरक्का का पुल मरम्मत हो रहा है, इस कारण बड़ी गाड़ियों की संख्या बढ़ गयी है. आज कुरसेला में दुर्घटना भी हो गयी है. इस कारण थोड़ा जाम और हो गया है.

सवाल : घटना तो आज हुई है, पर यह रोज की दिक्कत है. लोग रोज फंसते हैं.

जवाब : हां, ठीक है मैं बात करूंगा.

सवाल : पुलिस की तैनाती सही नहीं है, यह भी कारण है.

जवाब : हां, कहीं भी ट्रैफिक पुलिस नहीं थी, जबकि रहना चाहिए.