खरीक प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में 46 मुख्य और तीन मिनी आंगनबाड़ी केंद्र खुलेंगे। इसको लेकर संबंधित वार्ड के इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार बाल बिकास परियोजना कार्यालय में अपना फार्म जमा कर चुके हैं। फार्म जमा होते ही प्रखंड में सक्रिय दलालों की गतिविधि तेज हो गई है, जो अभ्यर्थियों के घरो पर दस्तक दे रहे हैं। नौकरी फिक्स कराने के लिए बोली लगाई जा रही है। सूत्रों की मानें तो सेविका पद पर काबिज होने के लिए इन दलालों द्वारा डेढ़ से दो लाख रुपये का डिमाड किया जा रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सहायिका के लिए एक लाख रुपये का। इस कारण अभ्यर्थियो की परेशानी दुगुनी हो गई है। क्योंकि अभ्यर्थियों के पास एक नहीं बल्कि तरह-तरह के दलाल जा रहे हैं। इस स्थिति अभ्यर्थी के सामने यह संकट खड़ा हो गया है कि किस दलाल की पैरवी सबसे सटीक मानें। दरअसल, सभी एक ही तरह से अपनी-अपनी पहुंच बता रहे हैं। जनप्रतिनिधि भी सक्रिय हो गए हैं। जबकि इन कायरें में जनप्रतिनिधि की कोई खास भूमिका नहीं है।

सिर्फ वार्ड सदस्यों की अध्यक्षता में बहाली के दिन वार्ड सभा का आयोजन करना है। किन्तु वार्ड सदस्य भी खुद को नियोजन पदाधिकारी समझने लगे हैं। इस स्थिति में संबंधित कार्यालय के स्थानीय पदाधिकारियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किन्तु पदाधिकारी चुप रहना ही बेहतर समझ रहे हैं। सीडीपीओ पर चयन प्रक्रिया में मनमानी करने का आरोप

राघोपुर पंचायत के चार वार्ड सदस्यों ने कमिश्नर, डीएम समेत अन्य अधिकारियों को आवेदन सौंप कहा है कि सीडीपीओ चंदना माधव वार्ड सदस्यों की अनदेखी कर सेविका-सहायिका की चयन प्रक्रिया मनमाने ढंग से कर रही हैं। बगैर सूचना दिए कार्यालय में आवेदन फार्म जमा ले लिया गया। हमलोगों को कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया जाता है। इस बाबत पूछने पर सीडीपीओ चंदना माधव ने कहा कि वार्ड सदस्यों को जमा फार्म दिखाने का कोई प्रावधान नहीं है। मेधा सूची तैयार होते ही कार्यालय में लगा दिया जाएगा। चयन का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ होगा।

