नवगछिया। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने गुरुवार को उद्योग केंद्र भागलपुर के जीएम संजय कुमार वर्मा और नवगछिया एसडीओ यतेन्द्र पाल के साथ प्रखंड के खादी नगरी मिरजाफरी गांव में बुनकरों की समस्याएं सुनीं और कारखाने पर बुनकरों के व्यवसाय को देखा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!डीएम सबसे पहले रेशम बोर्ड भागलपुर के सौजन्य से संचालित मिरजाफरी हैंडलूम प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड पहुंचे। वहां उन्होंने सूत कटाई करने वाली महिला बुनकरों से व्यवसाय एवं सरकारी स्तर से मिलने वाली सुविधा की जानकारी ली। इसके बाद तांती नंबर 2 प्राथमिक बुनकर सहयोग समिति लिमिटेड पहुंचे। दोनों जगहों पर बुनकरों ने डीएम को बताया कि हमलोगों के पास दो बड़ी समस्या पूंजी का अभाव और तैयार कपड़ों की बिक्री के लिए उचित बाजार की सुविधा नहीं है। अगर हमें सरकार स्तर से सहयोग मिले तो हमलोग रोजगार का सृजन कर पूरे देश में कारोबार के हब के रूप में अपनी पहचान बना सकते हैं। डीएम ने आश्वासन देते हुए कहा कि सरकारी स्तर से मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रशासनिक स्तर से हर संभव जरूरी मदद की जाएगी।
कहा कि मिरजाफरी का नाम पहले से भी कपड़ा के व्यवसाय के लिए प्रसिद्ध है। अब बुनकरों के नई पीढ़ी के मेहनत से ही और बड़ा नाम करना संभव है। इसलिए, सरकारी स्तर से मिलने वाली लाभ सिर्फ कागजों तक ही सीमित नहीं हो, बल्कि धरातल पर परिणाम दिखे। मौके पर मौजूद उद्योग विभाग के जीएम को लगातार मॉनिटरिंग करने, जीविका से समन्वय कर मदद कराने समेत अन्य आवश्यक और जरूरी निर्देश दिए। इस दौरान ध्रुबगंज के भी बुनकर मौजूद थे। इस मौके पर बीडीओ राजीव रंजन कुमार, सीओ निशांत कुमार, बुनकर अध्यक्ष नरेश दास, मो. कमरूज्जमा अंसारी, अनिरूद्ध दास, सुबोध कुमार, फारूक अंसारी, मो. राजा, रंजीत कुमार, रमीज राजा आदि मौजूद थे।

मांगों को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन :
मिरजाफरी में तांती नंबर 2 प्राथमिक बुनकर सहयोग समिति लिमिटेड के बुनकर अध्यक्ष नरेश दास ने बुनकर से संबंधित विभिन्न मांगों लेकर डीएम को एक ज्ञापन सौंपा। इसमे बुनकरों का पुराना ऋण माफ कराने एवं नये सिरे से व्यवसाय के लिए ऋण दिलाने, यार्न डिपो (सरकारी सूत की दुकान) की स्थापना कराने, पूंजी की व्यवस्था कराने, तैयार कपड़ों की बिक्री के लिए उचित बाजार की सुविधा उपलब्ध कराने समेत अन्य मांग की है।
सड़क और नल-जल योजना का हाल देख भड़के डीएम
बुनकरों के कारखानों पर पैदल जाने के दौरान पंचायत भवन के सामने सड़क के उतरी सतह से गुजरी नल-जल की पाइप को देख डीएम भड़क गये और मौके पर मौजूद एसडीओ और बीडीओ को शीघ्र दुरूस्त कराने का निर्देश दिया। वहीं, डीएम ने बुनकरों से पूछा पानी ठीक-ठाक मिलता है। जिसपर बुनकरों ने बताया कि पानी तो मिलता है। लेकिन पीने लायक नहीं। जिसके बाद डीएम ने बीडीओ को शीघ्र समस्या का समाधान कराने का सख्त निर्देश दिए।
