नवगछिया बाजार में लॉटरी का गोराखधंधा जोरों से फलफूल रहा है। सुबह होते ही लॉटरी का खेल शुरू हो जाता है और देर रात रक चलता है। लॉटरी पर प्रतिबंध के बावजूद पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से यह धंधा खुलेआम बेरोकटोक बाजार में वर्षों से चल रहा है। .
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नवगछिया बाजार में लॉटरी टिकट सप्लाई करने के सात से आठ होलसेल दुकान हैं जो भटके हुए बेरोजगार युवकों को रोजगार के नाम पर लॉटरी बेचने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके अलावा वैसे युवक जो बाजार में घूम-घूम कर चाय व पान दुकान और सब्जी मंडी में गरीबों के बीच लॉटरी के टिकट बेजते हैं उन्हें लोभ में फंसाते हैं कि लॉटरी में काफी फायदा होगा।

एक दिन में हजारों लॉटरी की बिक्री नवगछिया बाजार में होती है जिसमें कि महीने में एक बार किसी न किसी को लॉटरी में कुछ ना कुछ फंसता है। लॉटरी फंसने के बाद उसका प्रचार जोर-शोर से किया जाता है जिसके लोभ में युवा वर्ग लॉटरी खेलते हैं। बाजार के कुछ व्यवसायियों को भी इसकी लत लग गई है। अपने को सभ्य और रसूखदार समझनेवाले लोग भी लॉटरी का टिकट खरीद रहे हैं। .

लॉटरी टिकट के थोक विक्रेता सरेआम पुलिसकर्मियों के सामने दुकान लगाकर लॉटरी का लाखों का कारोबार करते हैं। वह सुबह के समय में और शाम के समय में खुलेआम युवकों को लॉटरी सप्लाई करते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसमें प्रशासन की भी कहीं न कहीं मिलीभगत है जिससे वह लोग बेखौफ होकर नवगछिया में लॉटरी का धंधा कर रहे हैं।
नवगछिया में लॉटरी के कारण कई लोगों के घर-परिवार अबतक बर्बाद हो चुके हैं। दिनभर कमाने के बाद संध्या समय सारे पैसे का लॉटरी टिकट खरीदनेवाले के घरों में चूल्हे नहीं जलते हैं। लॉटरी के कारण छूरेबाजी समेत कई घटनाएं भी यहां हो चुकी है। मारपीट की भी अभी तक दर्जनों घटनाएं हो चुकी हैं।.
