नवगछिया : वैक्सीनेशन को गये चिकित्सक एवं कर्मियों को मुखिया पति ने पीटा

Crime Reoprts

खरीक। कोसी पार लोकमानपुर में गुरुवार को खरीक पीएचसी द्वारा आयोजित कोविड-19 वैक्सीनेशन शिविर में लाठी-डंडे के साथ घुसकर पंचायत के मुखिया पति विवेकानंद यादव, पुत्र पांडु यादव समेत उसके साथ मौजूद अन्य चार-पांच व्यक्तियों ने पूरी स्वास्थ्य टीम के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया। इस दौरान शिविर का नेतृत्व कर रहे चिकित्सक डॉ. सीके प्रसाद के साथ भी मारपीट की। शिविर में मौजूद महिला कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार एवं गाली गलौज किया। पूरी टीम को करीब एक घंटे तक बंधक बनाकर रखा।

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घटना की सूचना पर दलबल के साथ पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप कर टीम को मुक्त कराया। लूटी गई वैक्सीन बरामद की गयी। इसके बाद पूरी टीम को पुलिस अभिरक्षा में देर शाम पीएचसी पहुंचाया गया। सभी कर्मी एवं चिकित्सक पूरी तरह डरे-सहमे हुए हैं। चिकित्सक डॉ. सीके प्रसाद ने बताया कि मध्य विद्यालय लोकमानपुर में पीएचसी द्वारा वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन सुनिश्चित किया गया था। वहां जाने पर लोगों की उमड़ी भीड़ के कारण गाइडलाइन पालन करते हुए लोगों को वैक्सीन देना संभव नहीं था। इस कारण इस विद्यालय के अलावा पास में मौजूद कन्या मध्य विद्यालय में भी शिविर लगाया गया।

इसी दौरान करीब एक बजे के आसपास मुखिया पति विवेकानंद यादव अपने पुत्र पांडु यादव समेत चार-पांच अन्य लोगों के साथ लाठी-डंडा लेकर आया एवं आते ही पूरी टीम को गाली गलौज करते हुए कहा कि किसके आदेश पर तुम यहां लोगों को टीका दे रहे हो। इसके बाद पास में मौजूद वैक्सीन बॉक्स एवं सीरींज को अपने कब्जे में ले लिया। विरोध करने पर आरोपी पूरी टीम को साथ भद्दी-भद्दी गाली गलौज करते हुए मारपीट करने लगे। साथ ही शिविर में मौजूद महिला कर्मी एएनएम के साथ अभद्र व्यवहार किया एवं वैक्सीन लेने आए लोगों को भी भगा दिया। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस टीम द्वारा करीब एक घंटे बाद सभी कर्मियों को मुक्त एवं लूटी गई वैक्सीन को बरामद किया गया।

वही समाचार प्रेषण तक तक पीड़ित चिकित्सक द्वारा थाने में आवेदन देने की प्रक्रिया की जा रही थी। वहीं मुखिया पति विवेकानंद यादव ने बताया कि मुझे पीएचसी द्वारा एक जगह ही शिविर आयोजित होने की जानकारी दी गई थी। किन्तु यहां चिकित्सकों ने जबरन दो जगह शिविर लगाकर मनमानी कर रहे थे। जिसके कारण लोगों को गर्मी के कारण परेशानी हो रही थी। सीरींज उपलब्ध नहीं था जबकि बगल के शिविर में पर्याप्त सीरींज था। वहां से लाने को कहे जाने पर टीम द्वारा आनाकानी की जा रही थी। जिस पर मैंने टीम को डांट-डपट की है। शेष आरोप निराधार है। मालूम हो कि आरोपी मुखिया पति का आपराधिक इतिहास रहा है