नवगछिया : रेलवे स्टेशन के रैक प्वाइंट पर बुधवार को ट्रैक्टर बैक करने के दौरान खाई पलट गया, उस पर बैठा 15 वर्षीय 9वीं छात्र प्रीतम कुमार पोखर में फेंका गया, जिसमें डूबने से उसकी मौत हो गई। छात्र नवगछिया थाना क्षेत्र के गोशाला मिल्की निवासी मनोज यादव का बेटा था। बताया जाता है कि छात्र ट्रैक्टर से फेंकाने के बाद खाई में गिरने के दौरान उसे गंभीर चोट अा गई थी और घायल अवस्था में ही लुढ़कते हुए पोखर के गहरे पानी में चला गया और डूब गया, जिसमें उसकी मौत हो गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!घटना और इसमें छात्र की मौत की खबर मिलते ही मौके पर अफरातफरी मच गई। लोगों के सामने देखते ही देखते छात्र डूब गया। परिजनों ने पुलिस पर समय पर नहीं पहुंचने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने कहा कि जिस समय प्रीतम डूब रहा था, उसी समय पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन वे समय पर नहीं पहुंची। कहा कि पुलिस प्रशासन यदि समय से वहां पहुंच जाता तो उसे पानी से निकाल कर इलाज के लिए ले जाया जाता तो उसकी जान बच जाती।

घटना की सूचना पर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रेम सागर उर्फ डब्लू यादव सहित नगर पंचायत के अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने गुस्साए लोगों को शांत कराया। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और लोगों की मदद से छात्र प्रीतम के शव को तालाब से से निकाला और पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल भेजा। जहां पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस ने अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया।
घर से स्कूल जाने के लिए निकला था छात्र
बताया जाता है कि नवगछिया स्टेशन के रेलवे रैक प्वाइंट पर छात्र अपने परिवार के ही लोगों के ट्रेक्टर पर बैठा हुआ था। इसी दौरान ट्रैक्टर को पीछे करने के दौरान ट्रैक्टर खाई में पलट गया। दुर्घटना के दौरान ट्रैक्टर का चालक कूद गया और उसपर बैठा छात्र प्रीतम फेंका कर पोखर के गहरे पानी में चला गया। अत्यधिक चोट लगने के कारण वह पानी में डूब गया और उसकी मौत हो गई। नवगछिया थाने की पुलिस ने छात्र के पिता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस को दिए बयान में पिता ने बताया है कि प्रीतम घर से स्कूल पढ़ने के लिए निकला था और पोखर के पानी में डूबने उसकी मौत हो गई। थानाध्यक्ष पुनि राजकपूर कुशवाहा ने कहा कि बालक की मौत डूबने से हुई है। पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराई है।

छात्र की मौत की खबर मिलते ही घर में मचा कोहराम :
प्रीतम की मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची, कोहराम मच गया। माता-पिता व अन्य परिजनों के चीत्कार से पूरा वातावरण मातम में तब्दील हो गया। मां बार-बार बेहोश हो रही थी। उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि ऐसा कुछ हुआ है। हो भी कैसे कुछ घंटे पहले ही वह घर से स्कूल के लिए निकला था। घटना की सूचना मिलते ही पूरा परिवार रोते-बिलखते पैदल ही अनुमंडल अस्पताल पहुंचा।
जहां मां अपने पुत्र के शव को देख उसे झकझोर कर रोने लगी। दो पुत्रों में प्रीतम छोटा था। बड़ा पुत्र बदल कुमार है, जो इंटर का छात्र है। प्रीतम छोटा होने के कारण सबका दुलारा था। पूरा परिवार दहाड़ मार कर रो रहा था। पिता गहरे सदमे में चले गए। परिजनों के रुदन को देख लोगों का दिल दहल रहा था। आसपास के लोग व महिलाएं पूरे परिवार को ढांढस बंधा रहा था। पूरे गांव में मातम का माहौल छाय गया।

