बिहपुर रेलवे इंजीनियरिंग मातारानी मंदिर में देर शाम आरती में काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के छठे स्वरुप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की गई। मां कात्यायनी का जन्म ऋषि कात्यायन के घर में हुआ था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बिहपुर निवासी बैजनाथ झा उर्फ़ बैजू बाबा बताते हैं कि मंदिर का इतिहास करीब 100 साल पुराना है। मंदिर का स्थापना पूर्व रेलवे स्टाफ के द्वारा किया गया है। दुर्गा मंदिर में पूजा को लेकर तैयारी जोरों पर है। नवगछिया के मूर्तिकार सिंटू पंडित प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
बता दें कि माता के इस मंदिर में भगवती की पूजा और आरती में बंग्ला संस्कृति की झलक दिखती है। पंडित मृत्युंजय मिश्र बताते हैं कि मंगलवार को मां के पंचम स्कंदमाता स्वरूप की पूजा हुई। प्रतिमा विसर्जन के पूर्व महिलाएं झुंड में एक दूसरे के चेहरे पर बांग्ला परंपरानुसार सिंदूर लगाकर मातारानी को विदा करती हैं।

