रंगरा/खरीक| गोपालपुर और रंगरा प्रखंड की लाइफलाइन माने जाने वाली, रंगरा- सुकटीया पीडब्ल्यूडी सड़क पर बनी स्लुइस गेट पर पानी का दबाव काफी बढ़ गया है। पहले से जर्जर स्लूइस गेट के पश्चिमी भाग में पानी का काफी तेजी से रिसाव हो रहा है। अगर गेट टूटा तो रंगरा के तीन व गोपालपुर के आधे दर्जन पंचायतों का संपर्क नवगछिया से भंग हो जाएगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लोगों की सूचना पर एसडीओ मुकेश कुमार, जल संसाधन विभाग व पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं ने गेट का मुआयना किया। मगर अब तक स्लुइस गेट की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वहीं खरीक में पानी के दबाव से साेमवार काे अलालपुर गांव की सड़क अचानक धंस गई। ग्रामीणों के सहयोग से मरम्मत कार्य शुरू किया गया। वहीं राघोपुर-काजीकौरैया तटबंध पर झाव गांव के पास रिसाव शुरू हो गया। यहां भी ग्रामीणों ने बचाव कार्य शुरू किया।

भोजन न पानी, सड़क पर दिन काट रहे लाेग
नवगछिया| अनुमंडल के एक सौ से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इसमें इस्माइलपुर के करीब 52, गोपालपुर के पांच, रंगरा के 15, खरीक के 6, नारायणपुर के चार व बिहपुर के तीन गांव शामिल हैं। पीड़ित परिवार सड़क किनारे व बांधों पर शरण लिए हुए हैं। पीड़ितों को न तो पीने के लिए शुद्ध पेयजल मिल रहा है न शौचालय की व्यवस्था है। राहत के नाम पर प्रशासन ने सिर्फ नाव की व्यवस्था की है। वरीय पदाधिकारियों के निर्देश के बाद भी शौचालय, चापाकल की व्यवस्था नहीं हुई है।
प्रशासन स्तर से बाढ़ पीड़ितों को किसी प्रकार की सहायता नहीं मिलने से बाढ़ पीड़ितों में आक्रोश व्याप्त हो रहा है। इस्माइलपुर जिला परिषद सदस्य विपिन कुमार मंडल ने कहा कि पूरा प्रखंड बाढ़ की चपेट में है। लेकिन प्रशासन अब तक राहत सामग्री मुहैया नहीं कराया है। महज 700 लोगो को पॉलिथीन सीट दी गई है। वहीं खगड़ा, बोरवा, साहू परबत्ता, गोणरचक, छोटी परबत्ता के पीड़ित 14 नंबर सड़क रह रहे हैं।
