प्रखंड के मध्य विद्यालय डुमरिया में बुधवार को एमडीएम में घटिया भोजन को लेकर स्कूली बच्चों ने जमकर हंगामा किया। बच्चों का आरोप है कि भोजन में बिना दला की खिचड़ी और चोखा दिया गया था। कुछ बच्चों की थाली में जब रसोइया ने बिना दाल वाली खिचड़ी और नाममात्र चोखा परोसा तो इस पर बच्चे भड़क गए और भोजन करने से इनकार कर दिया। इसके बाद थाली में परोसे गए घटिया भोजन को लेकर स्कूल के 300 बच्चे गांव में घूम-घूमकर लोगों के अलावा अपने परिजनों को दिखाने लगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यह देख ग्रामीण भी आक्रोशित हो गए और विद्यालय में पहुंचकर प्रधानाध्यापक रूदल रजक की जमकर खरी-खोटी सुनाई। प्रधानाध्यापक को अपने कार्यशैली एवं मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में सुधार लाने को कहा। ग्रामीण चंद्रहास मंडल, बमबम मंडल, राजेश मंडल, मंटू मंडल, अमित मंडल, संतोष मंडल, रमण हरिजन, कवि शर्मा, पूर्व प्रमुख सूर्य किशोर दास आदि कहा कि अगर जल्द ही स्कूल की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे विद्यालय में तालाबंदी करेंगे।


बच्चों ने कहा-मनमानी करते हैं प्रधानाध्यापक, भोजन में नहीं मिलता है अंडा
मध्य विद्यालय डुमरिया में एमडीएम को लेकर पहले भी कई बार हंगामा हुआ है। ग्रामीणों ने इसके विरोध में विद्यालय में तालाबंदी भी की थी। कक्षा 8 के छात्र विनोद कुमार, पूजा कुमारी, अंजली कुमारी, दीपा कुमारी व कक्षा तीन के छात्र सुमन कुमार, टिंकल कुमार आदि ने आरोप लगाते हुए कहा कि एचएम रूदल रजक हमलोगों के साथ मनमानी करते हैं।
स्कूल में घटिया भोजन परोसा जाता है। सप्ताह में एक दिन भी हरी सब्जी नहीं दी जाती है। शुक्रवार को सेब और अंडा नहीं दिया जाता है। मांगने पर कहा जाता है कि सेब अभी बहुत महंगा है। इसके बदले में एक केला खाकर काम चलाओ। वहीं दूसरी ओर विद्यालय शिक्षा समिति के सचिव ने बताया कि प्रधानाध्यापक सादे निकासी फार्म पर हस्ताक्षर करवाकर राशि निकाल ली जाती है। पूछे जाने पर बताया जाता है कि यह जानना तुम्हारा काम नहीं है।
