बिहपुर प्रखंड के झंडापुर स्थित शेख टोला में युवाओं की पहल पर दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। खास बात यह रही कि हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक साथ रोजेदारों के साथ इफ्तार कर आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कार्यक्रम में इमाम मोहम्मद राकिम रजा ने रमजान महीने की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह महीना इबादत, सब्र, त्याग और जरूरतमंदों की मदद का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि रोजा केवल भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह इंसान को आत्मसंयम और नेक रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
समाजसेवी ललन यादव ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना आपसी प्रेम, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने झंडापुर के शेख टोला में आयोजित इस दावत-ए-इफ्तार को हिंदू-मुस्लिम एकता की सुंदर मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और लोगों के बीच विश्वास को मजबूत करने का काम करते हैं। साथ ही भारत की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की।

युवा समाजसेवी मोहम्मद दानिश उर्फ टोनी ने बताया कि रविवार को भी शेख टोला में दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के सभी समुदाय के लोगों को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं।
इस अवसर पर इमाम मोहम्मद राकिम रजा, रोहित आनंद शुक्ला, मोहम्मद इबरार आलम, पंचायत समिति प्रतिनिधि गुफरान रजा, नवगछिया पुलिस जिला के अल्पसंख्यक कांग्रेस अध्यक्ष शेख हस्बुल, जैनुल अंसारी, प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद इरफान आलम, मोहम्मद मुख्तार, वार्ड प्रतिनिधि मोहम्मद इम्तेसार उर्फ फूलों, मोहम्मद शरीफ, मोहम्मद जहांगीर आलम, मोहम्मद इम्तियाज, मोहम्मद जीशान, मंटू मंडल, ललित यादव, मोहम्मद गुड्डू, मोहम्मद इस्तखार, मोहम्मद रियाज, सरपंच कैलाश यादव, मोहम्मद सरफराज और मोहम्मद इलियास सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
